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    आयुर्वेद चिकित्सा पर बढ़ा लोगों का भरोसा; पंचकूला के राष्ट्रीय संस्थान में छह माह में 50 हजार मरीजों का इलाज, दूसरे राज्यों को भी फायदा

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में आयुर्वेद पर लोगों का भरोसा बढ़ा है, जहां 2026 के पहले छह महीनों में 50,000 मरीजों का इलाज किया गया। यह संस्थान ...और पढ़ें

    पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हर दिन औसतन 500 मरीज पहुंच रहे।

    पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हर दिन औसतन 500 मरीज पहुंच रहे।

    HighLights

    1. हरियाणा, पंजाब, दिल्ली सहित कई राज्यों से मरीज पहुंच रहे।

    2. पंचकर्म, कायचिकित्सा विभागों में सर्वाधिक भीड़ देखी गई।

    3. योग, पंचकर्म और समग्र उपचार पद्धति से हो रहा इलाज।

    राजेश मलकानियां, पंचकूला। आयुर्वेद के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास लगातार बढ़ रहा है। पंचकूला स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) ने वर्ष 2026 के पहले छह माह में ही करीब 50 हजार मरीजों का उपचार कर नया रिकाॅर्ड बनाया है। हर दिन औसतन 500 से अधिक मरीज संस्थान की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

    आधुनिक जांच सुविधाओं, आयुर्वेद विशेषज्ञों और समग्र उपचार प्रणाली के कारण एनआइए अब हरियाणा ही नहीं, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों के मरीजों के लिए भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र बनकर उभरा है।

    वर्ष 2024 में 42,030 मरीजों ने उपचार करवाया था। वर्ष 2025 में यह संख्या 80,878 पहुंच गई। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से जून के के दौरान यह आंकड़ा 50 हजार को पार कर गया है।

    एनआईए में सबसे अधिक मरीज पंचकर्म, कायचिकित्सा, शल्य और शालाक्य तंत्र विभागों में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रसूति एवं स्त्री रोग, त्वचा एवं सौंदर्य, अगद तंत्र (विष चिकित्सा), बाल रोग और योग चिकित्सा विभागों में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार ले रहे हैं।

    इस वर्ष जून माह तक पंचकर्म विभाग में 11,591, कायचिकित्सा में 10,319 तथा शल्य विभाग में 9,415 मरीजों ने उपचार लिया। शालाक्य तंत्र में 5,390, प्रसूति एवं स्त्री रोग में 3,228, अगद तंत्र में 2,838 तथा त्वचा एवं सौंदर्य विभाग में 2,572 मरीज पहुंचे।

    हर महीने बढ़ती गई मरीजों की संख्या

    आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में 7,004 मरीज पहुंचे थे। जबकि जून तक यह आंकड़ा बढ़कर 9,548 हो गया। मई और जून में सबसे अधिक मरीजों ने उपचार लिया।

    12 विशेषज्ञ ओपीडी और 250 बेड की अत्याधुनिक आईपीडी

    मेडिकल आफिसर डा. मानसी ग्रेवाल ने बताया कि संस्थान में 12 विशेषज्ञ ओपीडी संचालित हैं। इनमें कायचिकित्सा, पंचकर्म, प्रसूति एवं स्त्री रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य (नेत्र), मुख-नाक-दंत रोग, बाल रोग, अगद तंत्र, त्वचा एवं सौंदर्य, स्वास्थ्यवृत्त एवं योग सहित आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में 250 बिस्तरों की अत्याधुनिक आइपीडी भी संचालित है।

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    समग्र आयुर्वेदिक उपचार

    आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित संस्थान में कुलपति प्रो. संजीव शर्मा तथा डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    डीन इंचार्ज प्रो. सतीश गंधर्व ने कहा कि आधुनिक जांच सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। आयुर्वेदिक उपचार के सकारात्मक परिणामों से मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

     

    ओपीडी के वार्षिक आंकड़े

    वर्ष ओपीडी मरीज
    2024 42,030
    2025 80,878
    2026 (जनवरी-जून) लगभग 50,000

     

    2026 माहवार ओपीडी आंकड़े

    माह ओपीडी मरीज
    जनवरी 7,004
    फरवरी 7,623
    मार्च 7,527
    अप्रैल 7,973
    मई 8,911
    जून 9,548

     

    विभागवार ओपीडी आंकड़े

    विभाग ओपीडी मरीज
    पंचकर्म 11,591
    कायचिकित्सा 10,319
    शल्य 9,415
    शालाक्य तंत्र 5,390
    प्रसूति एवं स्त्री रोग 3,228
    अगद तंत्र 2,838
    त्वचा एवं सौंदर्य 2,572