पंचकूला अग्रवाल सभा के 14 साल बाद चुनाव, अब 'पर्ची' पर फूटा विरोध; प्रधान पद पर होगा सीधा मुकाबला
पंचकूला अग्रवाल सभा के 14 साल बाद हो रहे चुनाव में 118 में से 96 कॉलेजियम सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं, जबकि 22 सीटों पर 9 अगस्त को मतदान होगा। अध्यक्ष ...और पढ़ें

अग्रवाल सभा पंचकूला के काॅलेजियम सदस्यों के चुनाव 14 वर्षों बाद हो रहे।
HighLights
118 में से 96 कॉलेजियम सदस्य निर्विरोध चुने गए।
शेष 22 सीटों के लिए 9 अगस्त को होगा मतदान।
अध्यक्ष पद के लिए 'पर्ची सिस्टम' का हो रहा विरोध।
राजेश मलकानियां, पंचकूला। 14 वर्षों बाद हो रहे अग्रवाल सभा पंचकूला के काॅलेजियम सदस्यों के चुनाव में अधिकांश सीटों पर सहमति बनने से चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो गई है। कुल 118 काॅलेजियम सदस्यों में से 96 प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।
अब शेष 22 सीटों के लिए 9 अगस्त को मतदान कराया जाएगा। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद यह स्थिति स्पष्ट हुई। समाज के वरिष्ठजनों की पहल और लगातार संवाद के चलते बड़ी संख्या में सीटों पर सर्वसम्मति बन सकी।
हालांकि अभी भी कुछ अन्य सीटों पर भी आपसी सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं, ताकि समाज में एकता और सौहार्द का संदेश दिया जा सके, लेकिन अंतिम तस्वीर 9 अगस्त को ही सामने आएगी।
वहीं कुछ दिन पूर्व समाज के वरिष्ठजनों द्वारा किए गए पर्ची से प्रधान चुनने के फैसले के खिलाफ भी अंदरुनी खाते विरोध शुरु हो गया है। कालेजियम में चुने गए कई सदस्य जो प्रधान बनने की उम्मीद में हैं, कहने लगे हैं कि पिछले 14 वर्ष से तो लोकतंत्र बहाली की मांग कर रहे थे, अब जब चुनाव हो रहे हैं, तो पर्ची सिस्टम पर फिर आ गए हैं।
इन सदस्यों ने नाम ना छापने की शर्त पर स्पष्ट कह दिया कि 9 अगस्त को कालेजियम सदस्य चुने जाने के बाद पर्ची सिस्टम के विरोध में सामने आएंगे और प्रधान पद के लिए चुनाव की मांग करेंगे।
अध्यक्ष पद पर बढ़ी सरगर्मी
काॅलेजियम चुनाव की तस्वीर लगभग स्पष्ट होने के बाद अब समाज की निगाहें अध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। अध्यक्ष पद के लिए अमित जिंदल, तेजपाल गुप्ता, सतप्रकाश अग्रवाल और जगमोहन गर्ग के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं।
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इनमें अमित जिंदल, तेजपाल गुप्ता और जगमोहन गर्ग अपने-अपने वार्ड से निर्विरोध काॅलेजियम सदस्य चुने जा चुके हैं, जबकि सतप्रकाश अग्रवाल को अपने वार्ड में चुनावी मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है। उनके सामने अर्जुन गर्ग मैदान में हैं। समाज के कई वरिष्ठजनों ने अर्जुन गर्ग को सर्वसम्मति के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
नई चुनाव प्रणाली के तहत हो रहा चुनाव
अग्रवाल सभा की नई चुनाव प्रणाली के अनुसार करीब 2,950 पंजीकृत सदस्यों को 25-25 सदस्यों के समूहों में विभाजित कर 118 काॅलेजियम प्रतिनिधियों का चयन किया जा रहा है। यही निर्वाचित काॅलेजियम सदस्य आगे चलकर सभा के अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष तथा अन्य पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे।
ये प्रमुख सदस्य निर्विरोध चुने गए
निर्विरोध निर्वाचित प्रमुख काॅलेजियम सदस्यों में जगमोहन गर्ग, अमित जिंदल, तेजपाल गुप्ता, मुकेश बंसल, राकेश गोयल, मयंक गोयल, अमृतलाल अग्रवाल, भगवान दास सिंगला, पवन मित्तल, विजय अग्रवाल, डा. नरेश मित्तल, कैलाश मित्तल, मेघराज गर्ग, सुरेश सिंगला, बीबी सिंगला, दिनेश सिंगला, भारत भूषण बंसल और सुरेश गर्ग सहित कई प्रमुख समाजसेवियों के नाम शामिल हैं।
सर्वसम्मति या चुनाव, दोनों पर नजर
काॅलेजियम सदस्यों के चयन के बाद अब अध्यक्ष पद के लिए समर्थन जुटाने की कवायद तेज होने की संभावना है। समाज के वरिष्ठजन अभी भी सर्वसम्मति से नेतृत्व चुनने के पक्ष में प्रयासरत हैं, ताकि नई कार्यकारिणी मजबूत और सर्वमान्य टीम के रूप में सामने आए।
वहीं, समाज के कुछ सदस्य पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चुनाव कराने के पक्ष में भी अपनी राय रख रहे हैं। आने वाले दिनों में अग्रवाल सभा की सियासत और अधिक रोचक होने के संकेत मिल रहे हैं।