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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gurmeet Ram Rahim News: डेरा सच्चा सौदा के करीबी पवन इंसा को हाई कोर्ट से झटका, इस मामले में जांच रहेगी जारी

    Updated: Mon, 15 Apr 2024 04:09 PM (IST)

    जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim News) के करीबी पवन इंसा को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने एक मामले में उसे तगड़ा झटक ...और पढ़ें

    Haryana News: डेरा मुखी के करीबी पवन इंसा को हाई कोर्ट से झटका। फाइल फोटो
    Haryana News: डेरा मुखी के करीबी पवन इंसा को हाई कोर्ट से झटका। फाइल फोटो

    HighLights

    1. डेरा मुखी के करीबी पवन इंसा को हाई कोर्ट से झटका।
    2. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपने खिलाफ की जा रही जांच को दी थी चुनौती।
    3. पवन इंसा पर दंगों की साजिश रचने का आरोप।

    राज्य ब्यूरो , चंडीगढ़। (Haryana Hindi News) पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा के पूर्व प्रवक्ता पवन इंसा ( Pawan Insa) के उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने प्रवर्तन निदेशालय (ED News) द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही को रोकने की मांग की थी। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने इंसा की दलीलों को खारिज करते हुए जांच को सही ठहराया।

     सीबीआई अदालत ने डेरा मुखी को यौन शोषण मामले में  दोषी करार

    पवन ने पंचकूला (Panchkula News) में दर्ज एफआईआर में मनी लांड्रिंग पक्ष की जांच ईडी से करवाए जाने के आदेशों को चुनौती दी थी। याचिका के अनुसार इस मामले में उसकी कोई भूमिका सामने नहीं आई इस लिए यह जांच रोकनी चाहिए। याचिका में बताया गया कि 25 अगस्त 2016 को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने डेरा मुखी को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया था।

    पवन इंसा पर दंगों की साजिश रचने का आरोप 

    इसके बाद पंचकूला में हुए दंगों की साजिश रचे जाने के आरोप में याची पर पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-5 पुलिस थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं एफआइआर दर्ज की थी। पवन इंसा पर आरोप है कि इन दंगों की साजिश उसने रची थी।

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    अब इस एफआईआर में मनी लॉन्ड्रिंग के पक्ष की जांच के लिए इसे ईडी को सौंप दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है तांकि ईडी पता लगा सके कि इन दंगों के लिए पैसा कहां से जुटाया गया था। इसी मामले में ई डी को अब पवन इंसा के बयान दर्ज करने हैं। इसी को पवन इंसा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

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