हरियाणा में तेजी से बढ़ रहे कैंसर रोगी, 2025 में मिले 33 हजार से ज्यादा मरीज; 18 हजार से अधिक की मौत
हरियाणा में कैंसर के मामले और इससे होने वाली मौतों में तेजी से वृद्धि हो रही है, पिछले साल 33,395 नए मरीज मिले और 18,387 की मौत हुई। ...और पढ़ें

हरियाणा में तेजी से बढ़ रहे कैंसर रोगी, मौतों में भी हो गई बढ़ोतरी।
HighLights
हरियाणा में कैंसर रोगियों और मौतों में तेजी से वृद्धि
पिछले साल 33,395 मरीज मिले, 18,387 की मौत हुई
पांच वर्षों में 11% रोगी बढ़े, राज्य 17वें स्थान पर
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कैंसर तेजी से फैल रहा है। पिछले पांच वर्षों में जहां रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, वहीं मौतों के मामलों में भी उछाल आया है। पिछले साल कैंसर के 33 हजार 395 मरीज मिले, जबकि 18 हजार 387 मरीजों की मौत हो गई।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में रखी गई रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में कैंसर के नए मामलों में वर्ष 2021 और 2025 के बीच लगभग 11.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो राष्ट्रीय औसत 10.05 प्रतिशत से ज्यादा है।
इसी अवधि में कैंसर से होने वाली मौतों में लगभग 11.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राष्ट्रीय औसत 10.06 प्रतिशत से अधिक है। वर्ष 2025 में कैंसर के नए मामलों और कैंसर से होने वाली मौतों, दोनों ही मामलों में हरियाणा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 17वें स्थान पर है।
हालांकि 33 हजार 395 अनुमानित मामलों के साथ हरियाणा अपने पड़ोसी राज्य पंजाब से काफी पीछे है। पंजाब में 2025 में 43,196 अनुमानित मामले सामने आए थे। वर्ष 2021 में यह संख्या 39 हजार 521 थी। पंजाब में कैंसर से होने वाली मौतों की अनुमानित संख्या 2021 में 22 हजार 786 से बढ़कर 2025 में 24 हजार 886 हो गई। देश में कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज उत्तर प्रदेश में मिले हैं। यहां 2025 में दो लाख 26 हजार 125 नए मामले सामने आए और एक लाख 25 हजार 184 की मौत हो गई।
खबरें और भी
रिपोर्ट के अनुसार 75 साल की उम्र से पहले कैंसर होने का कुल जोखिम 10.6 प्रतिशत है। यानी कि लगभग हर दस में से एक भारतीय को अपने जीवनकाल में यह बीमारी होने की आशंका है। प्रदेश सरकार ने कैंसर से निपटने के लिए कई पहल की हैं।
इनमें जिला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग सेवाएं, डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना और टर्शियरी (उच्च-स्तरीय) कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार शामिल है। साथ ही मरीजों का डेटा नियमित रूप से अपडेट किया जाता है क्योंकि राज्य में मरीजों की सटीक संख्या का पता लगाना वास्तव में मुश्किल था।