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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana News: हरियाणा के इन गांवों में मजबूत होगा सड़कों का नेटवर्क, स्ट्रीट लाइटों की भी मिलेगी सौगात

By Sudhir TanwarEdited By: Deepak Saxena
Updated: Sun, 24 Sep 2023 08:25 PM (IST)

हरियाणा (Haryana) में पांच हजार से ज्यादा जनसंख्या वाले गांवों की सड़कों को पक्का किया जाएगा। इसके साथ ही वहां पर स्ट्रीट लाइट की भी सुविधा मुहैया करा ...और पढ़ें

हरियाणा के 5 हजार की आबादी वाले गांवों में मजबूत होगा सड़कों का नेटवर्क।
हरियाणा के 5 हजार की आबादी वाले गांवों में मजबूत होगा सड़कों का नेटवर्क।

चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो: हरियाणा में पांच हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों में फिरनी (गांव के चारों तरफ घूमने वाला रास्ता) पक्की की जाएंगी। जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को 30 सितंबर तक ऐसे सभी गांवों की फिरनियों को पक्का करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। छह और जिलों सोनीपत, कैथल, महेंद्रगढ़, रोहतक, झज्जर और रेवाड़ी में लिंक सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी जिला परिषदों को दी जाएगी।

जिला परिषदों की शक्तियों को बढ़ाने के क्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को जिला परिषद चेयरमैनों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक में यह घोषणा की। इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली उनके साथ थे। पांच जिलों यमुनानगर, करनाल, पलवल, भिवानी और फतेहाबाद में पहले ही लिंक रोड की मरम्मत की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड से लेकर जिला परिषदों को सौंप दी गई है। अब प्रदेश के 11 जिलों में ग्रामीण क्षेत्र में सड़क मरम्मत का काम जिला परिषदों के जरिये होगा। छह जिलों में लिंक सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी दिसंबर अंत तक जिला परिषदों को हस्तांतरित कर दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों को जिला सचिवालयों से जिला परिषद कार्यालय में स्थानांतरित करें। जहां जिला परिषद कार्यालय भवन बन चुके हैं, वहां इस निर्देश को शीघ्रता से लागू किया जाए। जहां बुनियादी ढांचा अभी तक स्थापित नहीं किया गया है, वहां सीईओ को उपयुक्त भूमि की पहचान करने और इस संबंध में मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि होगी उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने सीईओ से चालू वित्तीय वर्ष के लिए बजट अनुमान मांगते हुए कहा कि यह जिला परिषदों के अध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे अपना बजट तैयार करें और फिर जिला परिषद सदन के भीतर अनुमोदन के पश्चात उसे सरकार को भेजें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक पहलों को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार ही आंगनबाड़ी भवन का निर्माण करने और प्रत्येक जिले में एक समर्पित इकाई स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जो जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की देखरेख के लिए जिम्मेदार हो।

हर ब्लॉक में पांच बड़े गांव स्ट्रीट लाइटों से होंगे जगमग

मुख्यमंत्री ने सर्वाधिक आबादी वाले 750 गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए जिला परिषदों को बजट आवंटित किया जा चुका है। प्रत्येक ब्लॉक के सबसे अधिक आबादी वाले पांच गांवों में जल्द ही स्ट्रीट लाइट उपलब्ध होंगी। सीईओ को ऐसे ब्लॉक चिन्हित करने को कहा गया है जहां 10 ई-लाइब्रेरी भी शुरू नहीं हुई हैं। सरकार पहले ही 750 ई-पुस्तकालय खोलने की मंजूरी दे चुकी है।

चौपालें बनाने के लिए होगा सर्वे

चौपालों के निर्माण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सीईओ को अपने क्षेत्रों में आवश्यकता आधारित सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला परिषदों के माध्यम से गांव के तालाबों के सौंदर्यीकरण या डिमांड आधार पर दीवार निर्माण और घाट की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। जिला परिषदों के अध्यक्ष और सीईओ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास गतिविधियों की योजना बनाने में मिलकर कार्य करेंगे।

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