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    सऊदी या दुबई... कहां मरते हैं सबसे ज्यादा भारतीय? 3 साल में 1300 लोगों ने किया सुसाइड; संसद के आंकड़ों ने डराया

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 06:42 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने लोकसभा में विदेश में भारतीय नागरिकों की मौत के आंकड़े पेश किए, जिसमें 2023-2025 के दौरान सऊदी अरब और यूएई में सर्वाधिक मौतें दर्ज की ग ...और पढ़ें

    भारतीयों की सबसे अधिक मौतें सऊदी अरब और यूएई में होती है। एआई जेनरेटेड तस्वीर

    भारतीयों की सबसे अधिक मौतें सऊदी अरब और यूएई में होती है। एआई जेनरेटेड तस्वीर

    HighLights

    1. सऊदी अरब और यूएई में सर्वाधिक भारतीय मौतें दर्ज

    2. केंद्र सरकार ने लोकसभा में विस्तृत आंकड़े पेश किए

    3. प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा हेतु कई योजनाएं लागू

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। विदेश में भारतीय नागरिकों की मौत के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में विस्तृत आंकड़े पेश किए हैं। सोनीपत के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हिसार के कांग्रेस सांसद जयप्रकाश जेपी के संयुक्त सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जानकारी दी कि वर्ष 2023 से 2025 के दौरान भारतीय नागरिकों की मौत के मामलों की समीक्षा की गई है तथा देशवार और कारणवार विवरण तैयार किया गया है।

    केंद्र सरकार द्वारा संसद में रखे गए आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक मौतें सऊदी अरब में दर्ज हुईं, जहां प्राकृतिक कारणों से 6,376, कार्यस्थल दुर्घटनाओं में 182, आत्महत्या के 354, अपराध के 29 तथा अन्य कारणों से 1,040 भारतीयों की मौत के मामले सामने आए हैं।

    इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में प्राकृतिक कारणों से 5,702, कार्यस्थल दुर्घटनाओं में 128, आत्महत्या के 511, अपराध के 25 और अन्य कारणों से 1,092 मौतें दर्ज की गईं। अमेरिका, कुवैत, ओमान, मलेशिया, इटली और कतर भी प्रमुख देशों में शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों की मौतें दर्ज हुई।

    हरियाणा के दृष्टिकोण से यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश के हजारों युवा रोजगार के लिए खाड़ी देशों सहित विदेश में कार्यरत हैं। सांसद जय प्रकाश व सतपाल ब्रह्मचारी ने प्रवासी भारतीयों की कार्य परिस्थितियों, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कानूनी सहायता, बीमा दावों और पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक भारत लाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया था।

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    जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र (पीबीएसके), 24×7 हेल्पलाइन, एमएडीएडी (मदद), सीबीजीआरएएमएस, ई-माइग्रेट पोर्टल, भारतीय समुदाय कल्याण कोष (आइसीडब्ल्यूएफ), प्रवासी भारतीय बीमा योजना (पीबीबीवाइ) तथा ई-केयर पोर्टल जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं। ई-केयर पोर्टल के माध्यम से पार्थिव शरीर को भारत लाने की मंजूरी 48 घंटे के भीतर देने की व्यवस्था की गई है।