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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या होता है निकाय चुनाव? नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद कैसे हैं अलग; जानें सब कुछ

    Updated: Tue, 25 Feb 2025 03:54 PM (GMT+05:30)

    What is nikay chunav 2025 हरियाणा में निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेजी के साथ चल रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि यह चुनाव (Haryana Urban Local ...और पढ़ें

    क्या होता है निकाय चुनाव क्या होता है प्रोसीजर (जागरण ग्राफिक्स)
    क्या होता है निकाय चुनाव क्या होता है प्रोसीजर (जागरण ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. हरियाणा में 2 मार्च को होगा निकाय चुनाव
    2. निकाय चुनाव में ईवीएम द्वारा वोटिंग होगी
    3. 74वें संशोधन के तहत दी गई हैं निकायों को शक्तियां

    डिजिटल डेस्क, पंचकूला। हरियाणा में तकरीबन ढाई साल बाद निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। प्रदेश में दो चरणो में वोटिंग होगी। पहले चरण की वोटिंग 2 मार्च को होगी। इस दिन आठ नगर निगम, चार नगर परिषद और 21 नगर पालिकाओं के मेयर, अध्यक्ष और पार्षद के लिए चुनाव होना है।

    वहीं, पानीपत नगर निगम में 9 मार्च को मतदान होगा। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि यह आखिर निकाय चुनाव होता क्या है और इसमें चुनने वाले प्रत्याशी को कौन सा पद मिलता है। इसके साथ ही जानेंगे कि चुनाव में जीतने वालों की जिम्मेदारी क्या होती है।

    स्थानीय शासन और निकाय चुनाव

    सबसे नीचे स्तर वाले शासन को स्थानीय शासन कहा जाता है। जहां गांवों में यह शासन ग्राम पंचायत, तालुका और जिला पंचायत के रूप में जाना जाता है। वहीं, शहरों में यह निकाय के रूप में जाना जाता है। संविधान का 73वां और 74वां संविधान स्थानीय शासन को मजबूती देता है। 73वां संशोधन जहां गांव के स्थानीय शासन से जुड़ा हुआ है। वहीं 74वां संशोधन शहरी स्थानीय शासन से जुड़ा है। साल 1993 में दोनों संशोधन लागू हुए थे।

    निकाय चुनाव शहरी क्षेत्रों में होते हैं और शहर की पहचान जनसंख्या के आधार पर होती है। मसलन जिन क्षेत्रों की जनसंख्या कम से कम 5 हजार हो उसे शहर में गिना जाएगा। एक शर्त यह भी है कि इन इलाकों में 75 फीसदी लोग खेती बाड़ी से अलग काम करते हों। जनसंख्या के आधार पर ही शहरों में नगर निगम (Municipal Corporation), नगर पालिका (Municipality) और नगर परिषद (Nagar Parishad) में बांटा जाता है।

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    शहरों में नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद

    शहरों को नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के रूप में बांटा गया है। अगर कोई जगह छोटा कस्बा है तो वहां नगर परिषद (Nagar Parishad) होगा। अगर वह थोड़ा बड़ा और विकसित शहर है तो वहां नगर पालिका (Municipality) होगी। अगर वह बहुत बड़ा शहर या महानगर है तो वहां नगर निगम (Muncipal Corporation) होगा। 

    उदाहरण के लिए नीचे दिया गया चार्ट देखें

    शहरी निकाय में चुनाव कैसे होता है

    शहरी निकाय चुनावों में चुनाव की प्रक्रिया वार्ड के जरिए होती है। इलाकों को छोटे-छोटे वार्ड में बांटा जाता है यहां से लोग पार्षद (Councilor) का चुनाव करते हैं, ये पार्षद फिर मेयर को चुनते हैं।

    हालांकि, हरियाणा चुनाव में लोग प्रत्यक्ष रूप से मेयर का चुनाव करते हैं। इसी तरह नगर पालिका और नगर परिषद में में लोग चेयरपर्सन को चुनते हैं। यह चुनाव बैलेट पेपर या ईवीएम के जरिए होते हैं। वहीं नगर निगम अधिनियम (Municipal Corporation Act) के तहत चुनाव की प्रक्रिया करवाई जाती है। 

    नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के काम

    • साफ सफाई बनाए रखना
    • जल आपूर्ति और सीवरेज
    • सड़कें, पुलिया, स्ट्रीट लाइट और यातायात व्यवस्था
    • सामाजिक कल्याण
    • लघु उद्योग इत्यादि

    सोर्स: कक्षा ग्यारहवीं, एनसीआरटी किताब- भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार

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