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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyber Fraud Cases: साइबर क्राइम का फैल रहा मकड़जाल, ऐसे तरीकों से हो रही ठगी; हर रोज बन रहा कोई न कोई शिकार

    Updated: Fri, 29 Dec 2023 03:19 PM (IST)

    Cyber Fraud Cases लोगों के साथ साइबर ठगी की घटना बढ़ रही है। हर रोज कोई न कोई ठगी का शिकार हो रहा है। ठग ने फैक्ट्री में काम करने वाले मध्यप्रदेश निवा ...और पढ़ें

    साइबर क्राइम का फैल रहा मकड़जाल, ऐसे तरीकों से हो रही ठगी
    साइबर क्राइम का फैल रहा मकड़जाल, ऐसे तरीकों से हो रही ठगी

    HighLights

    1. हरियाणा में बढ़ रही साइबर क्राइम की घटनाएं
    2. हर रोज बन रहा कोई न कोई शिकार
    3. क्रिप्टो के जाल में फंसाकर तीन माह में लगाया 25 लाख का चुना

    जागरण संवाददाता, पानीपत। Cyber Fraud Cases:  लोगों के साथ साइबर ठगी की घटना बढ़ रही है। हर रोज कोई न कोई ठगी का शिकार हो रहा है। ठग ने फैक्ट्री में काम करने वाले मध्यप्रदेश निवासी विमल यादव के बैंक खाते से 62 हजार निकाल लिए।

    क्रिप्टो के जाल में फंसाकर तीन माह में लगाया 25 लाख का चुना

    वहीं डिडवाड़ी निवासी सितेंद्र को भी क्रिप्टो के जाल में फंसाकर तीन माह में करीब 25 लाख रुपये ठग लिए। इसी तरह तहसील कैंप के कृष्ण नगर निवासी अभिषेक धवन को बैड बेचने के लिए फेसबुक अकाउंट पर जानकारी डालना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब ठग ने पेटीएम अकाउंट की जानकारी जुटा खाते से करीब 38 हजार रुपये उड़ा लिए। तीनों मामलों में थाना साइबर अपराध पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    केस नंबर 1-MP  निवासी ऐसा हुआ ठगी का शिकार

    विमल यादव ने पुलिस शिकायत में बताया कि वह वार्ड नंबर 12 बांधोगढ़ उमरिया, मध्यप्रदेश का रहने वाला है। हाल में गांव नांगलखेड़ी में किराये पर रहता है। वह गांव बलाना स्थित आरजी गुप्ता फैक्ट्री में काम करता है। उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है।

    उसने बताया कि बैंक खाते से 2 से 10 नवंबर के बीच 61 हजार 996 रूपये निकल गए। जबकि न तो उसने किसी को डेबिट कार्ड का पिन कोड़ शेयर किया और न किसी अपनी खाते संबंधित अन्य जानकारी शेयर की। विमल यादव का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर उसके खाते से पैसे निकाले हैं। आरोपित का पता लगा सख्त कार्रवाई के साथ खाते से निकाले पैसे वापस दिलाए जाएं।

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    केस नंबर - 2 क्रिप्टो के बहाने हुए ठगी का शिकार

    सितेंद्र ने थाना साइबर अपराध पुलिस की शिकायत दी है। उसने बताया कि वह गांव डिडवाड़ी का रहने वाला है। 22 फरवरी को उसने अपने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा।

    उन्होंने उससे एक वेबसाइट पर एपीके फाइल से एप डाउनलोड कराया। जिसमें वो यूएसडीटी में ट्रेडिंग सिग्नल देते हैं। उन्होंने उससे एप के जरिये टीआरसी-20 क्रिप्टो नेटवर्क से 100 यूएसडीटी ट्रांसफर करवाई।

    25 लाख रुपये की ठगी की

    इसके बाद उसे एक सप्ताह के सिग्नल देने के लिए सात दिन के प्लान के बारे में बताया। उसका कहना है कि आरोपितों ने उसे जाल में ऐसे फंसाया कि वो करीब तीन माह तक उसी में उलझा रहा और उससे करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। अब आरोपित न तो उसका पैसा लौटा रहे हैं और न कोई जवाब दे रहे हैं। उसने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार गलाई है।

    केस नंबर - 3 पेटीएम की जानकारी जुटा कर ली ठगी

    अभिषेक धवन से करीब 38 हजार रुपये की ठगी कर ली। उसने पुलिस शिकायत में बताया कि वह कृष्ण नगर तहसील कैंप का रहने वाला है।

    उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपना पुराना बैड बेचने के लिए लिस्ट किया था। सात दिसंबर को उसके पास एक नंबर से कॉल आई। सामने से बोलने वाले ने कहा कि वो फर्नीचर का काम करता है।

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    खाते से निकाले 38 हजार

    4 हजार में बैड खरीदने को तैयार है। उसने कहा कि वो बिजनेस पेटीएम इस्तेमाल करता है। उसी पर वाउचर से पेमेंट भेजेगा। अभिषेक का कहना है कि आरोपित ने धोखे से उसके पेटीएम में पैसे भेजने के लिए डिटेल लेकर एक बार 21,999, दूसरी बार में 8000 व तीसरी बार में 4000 रुपये पेटीएम अकाउंट से और गूगल पे अकाउंट नंबर से भी 999 करके चार बार पैसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।

    उसने ठगे जाने का अहसास हुआ तो उसने उक्त नंबर पर काल की, पर आरोपित ने अब फोन उठाना बंद कर दिया। अभिषेक के मुताबिक आरोपित ने उससे 37,995 की ठगी कर ली। आरोपित का पता लगा सख्त कार्रवाई की जाए।

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