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    पानीपत में इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक से मांगी 7 करोड़ की रंगदारी, बदमाशों को पूर्व छात्र ने दिए थे नंबर; 4 गिरफ्तार

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 08:52 PM (IST)

    पानीपत में एक इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक से विदेश से वॉट्सऐप कॉल के जरिए 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने इस साजिश में शामिल चार युवकों को गि ...और पढ़ें

    कॉलेज के पूर्व छात्र ने पहुंचाए थे बदमाशों तक चेयरमैन का नंबर, मांगी सात करोड़ की रंगदारी।

    कॉलेज के पूर्व छात्र ने पहुंचाए थे बदमाशों तक चेयरमैन का नंबर, मांगी सात करोड़ की रंगदारी।

    HighLights

    1. पानीपत कॉलेज संचालक से विदेश से 7 करोड़ की रंगदारी

    2. वॉट्सऐप कॉल पर मिली धमकी, भेजे गए घर के फोटो

    3. पूर्व छात्र रिहान सहित चार आरोपी पुलिस ने पकड़े

    जागरण संवाददाता, पानीपत। विदेश से वॉट्सऐप कॉल कर खुद को बदमाश बताते हुए जिले के एक इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक से सात करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस ने रंगदारी की इस साजिश में शामिल चार युवकों को शुक्रवार को सेक्टर 18 व एनएफएल से गिरफ्तार किया है। इनमें डंकी रूट से अमेरिका गया अजय जाकर लौटा था, जबकि कॉलेज के पूर्व छात्र रिहान ने ही स्टाफ के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए थे।

    पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने शनिवार को प्रेसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि 3 जुलाई को कॉलेज के संचालक अपने संस्थान में मौजूद थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को विदेश में बदमाश बताया है, उन्होंने कहा कि उसे उनके सभी स्कूलों और कॉलेजों की पूरी जानकारी है।

    आरोपित ने सात करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और अपनी पहचान जताने के लिए एक वाइस भी भेजा। साथ ही धमकी दी कि यदि नंबर ब्लाक किया गया या पुलिस को सूचना दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं, संचालक के घर और गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें भी भेजी गईं, जिससे वह दहशत में आ गए।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समालखा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, साइबर थाना और सीआइए-वन की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपितों अजय, रोहित, अमित और रिहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड के लिए लिया।

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    दो आरोपित एक गांव के रहने वाले

    पुलिस जांच में आया कि गोहाना में रहने वाला अजय मूल रूप से आदियाना गांव का निवासी है। वह वर्ष 2022 में डंकी रूट से अमेरिका गया था। वहां उसकी पहचान आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से हुई। वर्ष 2026 में डिपोर्ट होकर भारत लौटने के बाद भी वह उनके संपर्क में बना रहा।

    इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रंगदारी की साजिश रची। यहां पर उसने रंगदारी मांगने की तैयारी की, फिर उसने रिहान से संपर्क किया, रिहान इसी इंजीनियरिंग कॉलेज का पूर्व छात्र है। पढ़ाई के दौरान उसके पास कॉलेज के मोबाइल नंबर थे।

    रिहान ने ये नंबर अमित को दिए, अमित ने रोहित को और रोहित ने अजय तक पहुंचाए। अजय ने बाद में ये नंबर अमेरिका में बैठे बदमाशों को भेज दिए। उन्हीं नंबरों के आधार पर शिक्षण संस्थान संचालक से संपर्क कर रंगदारी मांगी गई।

    सीसीटीवी और तकनीकी से पहुंची पुलिस

    शिकायत मिलते ही पुलिस ने साइबर तकनीक और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। वॉट्सऐप कॉल की तकनीकी जानकारी, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इसी दौरान आरोपितों की गतिविधियों के महत्वपूर्ण सुराग मिले और क्राइम ब्रांच, साइबर थाना तथा सीआइए-वन की संयुक्त कार्रवाई में चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    बैंक और फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते थे दो आरोपित

    गिरफ्तार आरोपितों में रोहित पिछले करीब तीन वर्षों से जिले की एक निजी बैंक के लोन विभाग में कार्यरत था, वह बीए पास है। वहीं अमित एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता है। ये दोनों नौकरी करने के बाद भी अधिक पैसे कमाने के लालच में थे।

    ये चारों आरोपित एक दूसरे को विदेश में बैठे बदमाश से बात करने के लिए एक एप के जरिए वीडियों कॉल पर बात करते थे, इसमें रंगदारी मंगाने की पूरी प्लानिंग तैयारी होती थी।