पानीपत में किला एरिया में धंस रही जमीन, अंदर ही अंदर 6 फीट खोखली हुई गलियां; 5 घरों में फिर आईं भयानक दरारें
पानीपत के किला एरिया में पेयजल पाइपलाइन लीकेज से जमीन छह फीट तक खोखली हो गई है, जिससे पांच मकानों में फिर से दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोग स्थायी समाधा ...और पढ़ें
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पेयजल पाइप लाइन लीकेज से जमीन छह फीट खोखली, पांच मकानों में फिर दरारें।
HighLights
पेयजल पाइपलाइन लीकेज से जमीन छह फीट खोखली
किला एरिया में पांच मकानों में फिर दरारें आईं
स्थानीय लोग स्थायी समाधान और मुआवजे की मांग कर रहे
जागरण संवाददाता, पानीपत। किला एरिया स्थित गुड़मंडी बाजार के आसपास के क्षेत्र में पेयजल सप्लाई की पाइप लाइन से लगातार हो रहे पानी के रिसाव ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पाइपों से लीकेज होने के कारण बड़ी मात्रा में पानी खुले में बहकर जमीन में समा रहा है, जिससे कई स्थानों पर जमीन करीब छह फीट तक खोखली हो चुकी है। इसका असर आसपास की गलियों और मकानों पर दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में फिर से दरारें उभरने लगी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार गली में कई जगह दरारें पड़ गई हैं। जमीन धंसने की आशंका के कारण राहगीरों को वहां से गुजरने में डर लग रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया तो बड़ा हादसा हो सकता है। अब दोबारा बनी समस्या के कारण पांच घरों में दरारें आई हैं।
महेश काटकर के मकान में सबसे अधिक नुकसान
सबसे अधिक नुकसान महेश काटकर के मकान को हुआ है, जिसकी दीवारों और फर्श में गंभीर दरारें आने के बाद मकान मालिक ने एहतियात के तौर पर ग्राउंड फ्लोर तक का हिस्सा तोड़ दिया है। अब तक उसे आर्थिक सहायता या राहत नहीं मिल पाई है। प्रभावित परिवार का कहना है कि बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा।
एक माह पहले 8 मकानों में आई थी दरारें
करीब एक माह पहले भी इसी क्षेत्र में पानी के रिसाव के कारण आठ मकानों में दरारें आ गई थीं। उस समय स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने प्रभावित मकानों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें खाली कराया था। आठ में से दो मकान इतने अधिक क्षतिग्रस्त हो गए कि उन्हें रहने लायक नहीं माना गया। वर्तमान में उन क्षतिग्रस्त मकानों को तोड़ने का कार्य जारी है।
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लीकेज और पानी रिसाव की समस्या का समाधान नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी की लीकेज की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम के द्वारा केवल अस्थायी मरम्मत कर औपचारिकता निभाई जाती है। भूमिगत पाइप लाइन की व्यापक जांच और स्थायी समाधान नहीं किए जाने के कारण समस्या बार-बार सामने आ रही है। निवासियों ने प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में रिसाव वाली पाइप लाइनों को तत्काल बदला जाए व जमीन की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।
हालात नहीं सुधारे तो भविष्य में बढ़ सकती परेशानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो दरारों का दायरा बढ़ सकता है और अधिक मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं। फिलहाल गुड़मंडी क्षेत्र के लोग भय और अनिश्चितता के माहौल में रहने को मजबूर हैं। एक माह पहले जिन आठ घरों में दरारें आई थीं, जिनमें से दो घर तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अभी भी पहले क्षतिग्रस्त हुए मकानों को तोड़ने का काम चल रहा है।
यह समस्या हमारे संज्ञान में है। इसके स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को दोबारा फिर मौके पर भेजकर स्थिति का पता कराएंगे। किसी भी क्षेत्रवासी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।- कोमल सैनी, मेयर, नगर निगम, पानीपत।