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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Crime : "भाई हमें बाहर निकाल दो, हम आग में जल जाएंगे..." परिवार के छह सदस्य चीखते रहे, चार साल का भतीजा जिंदा जला

    By vinod tyagi Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Wed, 03 Jan 2024 02:36 PM (GMT+05:30)

    Haryana Crime News तीन साल पहले पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराने की रंजिश में चचेरे भाई ने हथियार के बल पर ताऊ के बेटे के परिवार के छह सदस्यों को कमर ...और पढ़ें

    Panipat Crime: आठ लाख रुपये की रंजिश में चचेरे भाई के परिवार को कमरे में बंद कर लगाई आग।
    Panipat Crime: आठ लाख रुपये की रंजिश में चचेरे भाई के परिवार को कमरे में बंद कर लगाई आग।

    HighLights

    1. आठ लाख रुपये की रंजिश में चचेरे भाई के परिवार को कमरे में बंद कर लगाई आग, बच्चे की मौत-पांच झुलसे
    2. चार को स्थानीय अस्पताल और एक किशोरी को पीजीआई रोहतक किया रेफर
    3. पुलिस ने दो नामजद सहित पांच पर दर्ज किया हत्या का केस

    संवाद सहयोगी,पानीपत। क्षेत्र के एक गांव में तीन साल पहले पोक्सो एक्ट( POCSO Act) के तहत केस दर्ज कराने की रंजिश में चचेरे भाई ने हथियार के बल पर ताऊ के बेटे के परिवार के छह सदस्यों को कमरे में(Panipat Crime News) बंद कर आग लगा दी। इसमें दामाद समेत पांच लोग बुरी तरह झुलस गए। इनमें से चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। आरोपित हथियार लेकर घर के बाहर खड़े रहे। जब धुआं उठता देख ग्रामीण पहुंचे तो फरार हो गए।

    ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर सभी को बाहर निकाला और पानीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से 13 वर्षीय लड़की को गंभीर हालात के कारण पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। डीएसपी हेडक्वार्टर धर्मबीर खर्ब, थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार व एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंची।

    पुलिस ने दो आरोपितों को नामजद करते हुए पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। घटना मंगलवार दोपहर तीन बजे के बाद की है। मुख्य आरोपित पीड़ित परिवार से आठ लाख रुपये मांग रहा था। वह इसी वर्ष जून में ही जेल से बाहर आया था। पीड़ित परिवार के दामाद ने पुलिस को बताया कि वह सौंदापुर का रहने वाला है। उसे बाइक लेनी थी।

    वह पत्नी के साथ ससुराल में आया था। मंगलवार को दोपहर बाद वह उसकी 20 वर्षीय पत्नी, 40 वर्षीय सास, 17 और 13 वर्षीय दो साली और चार वर्षीय साला घर पर ही थे। आठ वर्षीय बड़ा साला घर से बाहर गया हुआ था। ससुर अपनी ड्यूटी पर गया था। तीन बजे के बाद आरोपित मोनू अपने साथी राहुल व अन्य के साथ वहां आया और उनके साथ गाली-गलौज करने लगा।

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    वो सास से आठ लाख की मांग कर रहा था। पहले उन्होंने कुल्हाड़ी मार बाइक तोड़ दी और फिर कपड़ों में आग लगा हथियार के बल पर उन सभी को कमरे में बंद कर दिया। वो मदद के लिए चिल्लाए। जब कोई नहीं आया तो ज्यादा धुआं होने पर वो सभी बेसुध हो गए। होश आया तो वे अस्पताल में थे। आरोपित हथियार लेकर बाहर खड़े रहे।

    ग्रामीणों के मुताबिक पीड़ित परिवार के घर पर उन्हें धुआं उठता दिखाई दिया। वो जब पहुंचे तो मोनू, राहुल और अन्य पिस्तौल, चाकू, कुल्हाड़ी लेकर बाहर खड़े थे। लोगों को आते देख मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाई और कमरे का दरवाजा तोड़ सभी लोगों को बाहर निकाल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने चार वर्षीय बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक लड़की को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।

    दो नामजद सहित पांच पर केस दर्ज

    थाना पुराना औद्योगिक प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंदर ने बताया कि पीड़ित परिवार के मुखिया के बयान पर मोनू व उसके साथी राहुल के साथ मोनू के पिता, भाई व मां के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपित की तलाश की जा रही है।

    अपराधी है किस्म का व्यक्ति है आरोपित मोनू

    आरोपित मोनू पर पहले भी चोरी व मारपीट के 12 से ज्यादा मुकद्दमे दर्ज हैं। पहले कई बार जेल जा चुका है। चचेरे भाई की नाबालिग लड़की के साथ मारपीट व छेड़छाड़ के मामले में आरोपित मोनू पर वर्ष 2020 में पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। उक्त मामले में आरोपित लगभग तीन साल तक जेल में बंद रहा था। जून में पारिवारिक दबाव से उक्त मामले में समझौता होने के बाद जेल से बाहर आया था।

    पीड़ित परिवार से कर रहा था आठ लाख रुपये की मांग

    घटना के समय सौंदापुर निवासी रवि भी अपनी ससुराल आया हुआ था। उसको भी आरोपित ने कमरे में बंद कर दिया था। रवि ने बताया कि जेल से छूटने के बाद मोनू कई बार पहले भी उनके साथ झगड़ा कर चुका है। मोनू अक्सर कहता था कि जेल में रहने के दौरान कोर्ट केस में उसके आठ लाख रुपये खर्च हुए हैं। वह उनसे धमकी देकर आठ लाख रुपये देने की मांग करता था।

    इसी रंजिश में ही उसने घटना को अंजाम दिया है। खेलने गया बालक बच गया जब मोनू ने वारदात को अंजाम दिया तो पीड़ित परिवार का आठ वर्षीय बालक पड़ोस में ही खेलने गया था। इस कारण वह बच गया। जब वह घर लौटा तो सभी घर वाले वहां नहीं मिले। वह घर पर नहीं था इसीलिए बच गया, नहीं तो बदमाश मोनू उसे भी कमरे में बंद कर देता।

    अस्पताल के बर्न वार्ड के बाहर पुलिस का पहरा

    झुलसने के बाद सभी सदस्यों को अस्पताल लाया गया। तब वह अचेत अवस्था में थे। उन्हें होश आया तो ग्रामीणों ने उन्हें सारी बातें बताई। नागरिक अस्पताल के बर्न वार्ड के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा।

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