यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पानी-पानी हुआ पानीपत: नहीं झेल पाया पहली बारिश, पूरा रोड जलमग्न, जाम में फंसे लोग; Video
Haryana Rain पानीपत में भारी बारिश ने लोगों को राहत तो दी लेकिन शहर नहीं झेल पाया। पहली बारिश में ही पानीपत पानी-पानी हो गया। जीटी रोड पूरी तरह जलमग्न ...और पढ़ें

HighLights
- सुबह से ही शुरू हो गई थी बूंदाबांदी।
- जलमग्न हुआ पानीपत।
- गाड़ी फंसने से राहगीर परेशान।
जागरण संवाददाता, पानीपत। प्री मानसून की वर्षा देर से ही सही लोगों को राहत प्रदान की है। क्षेत्र में बीते 24 घंटे में 7.6 एमएम वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह भी मौसम ने करवट ली है। करीब पौने 11 बजे बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया।
इसके बाद बादल ने अपना रूप दिखाया और काफी देर तक भारी बारिश हुई। बारिश इतनी हुई कि पानीपत जलमग्न हो गया। सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हो गया। राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम के प्रबंधन की भी पोल खुल गई। पानीपत पहली बारिश भी नहीं झेल पाया।
कार-बाइक डूबी
पानीपत के जीटी रोड का नजारा देख लोग हैरान रह रहे हैं। सड़कों से गाड़ी भी नहीं निकल पा रही है। बाइक का आधा हिस्सा डूब गया है। ऑटो के अंदर पानी भर गया है। पूरा सड़क जलमग्न हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में मौसम परिवर्तन का दौर जारी रह सकता है।
हरियाणा के पानीपत में जोरदार बारिश से जलभराव pic.twitter.com/ZNMPPDhZQq
— Himani Sharma (@hennysharma22) June 21, 2024
करनाल में बारिश की आस
करनाल में शुक्रवार सुबह से मौसम खुशगवार बना हुआ है। जिले के कई गांवों में सुबह हलकी बरसात दर्ज की गई, लेकिन शहर में बादल नहीं बरसे। सुबह ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। लोगों को बरसात की आस है। पिछले दो दिन में न्यूनतम तापमान में नौ डिग्री की कमी दर्ज की गई। जबकि पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में भी नौ डिग्री की कमी आई है।
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लोगों को मिली राहत
कुरुक्षेत्र में बुधवार और वीरवार की बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार की सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे। इन्हीं बादलों के बीच से सुबह छह बजे कई जगहों पर हल्की छींटा-छांटी होने से हवा में ठंडक बनी रही। हवा में ठंडक होने पर लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विशेषज्ञों अगले दो दिन तक मौसम के परिवर्तनशील रहने का अनुमान जताया है। मौसम के करवट लेते ही किसानों ने धान रोपाई का काम तेज कर दिया है।