स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर भेज दिया ब्राजील, 34 लाख रुपये भी ठगे; 4 एजेंटों पर केस दर्ज
पानीपत में स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने के नाम पर 34.50 लाख रुपये की ठगी और मानव तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने चार आरोपितों सोनू, बिल्लू, रोबि ...और पढ़ें

पानीपत में स्टडी वीजा धोखाधड़ी और मानव तस्करी का बड़ा खुलासा।
HighLights
स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने के नाम पर ठगी
34.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी और मानव तस्करी का आरोप
चार आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज
जागरण संवाददाता, पानीपत। स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर 34.50 लाख रुपये ठगने और डंकी रूट से मानव तस्करी कराने के एजेंट पर आरोप लगाए है। सेक्टर-29 थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद चार आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विकास नगर निवासी संजीव कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने भतीजे विशाल को स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजना चाहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात रोबिन के माध्यम से मोरखी (जींद) निवासी सोनू और बिल्लू से हुई।
आरोपितों ने अमेरिका भेजने और वहां काम दिलाने का भरोसा दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार जुलाई 2024 में विशाल को दिल्ली बुलाकर अमेरिका भेजने की बात कही गई, लेकिन उसे ब्राजील भेज दिया गया। वहां से एजेंटों ने उसे बंधक बनाकर बोलीविया, पेरू, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टारिका, होंडुरास, ग्वाटेमाला और मैक्सिको के रास्ते डंकी रूट से अमेरिका पहुंचाने का प्रयास किया।
इस दौरान लगातार रुपये मांगे जाते रहे और जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोप है कि आरोपितों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 34.50 लाख रुपये ले लिए। वहीं अमेरिका में पकड़े जाने के बाद विशाल को डिटेंशन कैंप से छुड़ाने के लिए परिवार को करीब 18 लाख रुपये वकील और अन्य खर्च पर खर्च करने पड़े।
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विशाल 26 फरवरी 2026 को भारत लौट सका। पुलिस ने जांच के बाद सोनू, बिल्लू, रोबिन और आशीष के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4), 3(5), 61(2) तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।