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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विनोद हत्याकांड: पति की हत्या के बाद ससुर को भी ठिकाने लगाना चाहती थी निधि, भाई ने ऐसे बचाई पिता की जान, एक और बड़ा खुलासा

    Updated: Wed, 19 Jun 2024 01:58 PM (GMT+05:30)

    Vinod Bharara Murder Case विनोद हत्याकांड मामले में हर रोज नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस नए खुलासे में पता चला है कि विनोद की पत्नी निधि ...और पढ़ें

    Vinod Bharara Murder Case: मृतक विनोद भराड़ा और आरोपी सुमित।
    Vinod Bharara Murder Case: मृतक विनोद भराड़ा और आरोपी सुमित।

    HighLights

    1. आस्ट्रेलिया में रह रहे विनोद भराड़ा के भाई प्रमोद ने खोले कई राज।
    2. दोस्तों से सुमित के साथ निधि के अफेयर के बारे में पहले ही चल गया था पता।
    3. सुमित ने कंप्यूटर सेंटर पर कब्जा करने की कोशिश की तो पता चला कि दो साल से ऐसा चल रहा था।

    जागरण संवाददाता, पानीपत। हारट्रोन कंप्यूटर सेंटर संचालक विनोद भराड़ा की हत्या के मामले में रोजाना चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। हत्या के बाद उनके पिता की जान को भी खतरा था, क्योंकि हत्या से एक माह पहले ही निधि और सुमित के संबंध उजागर हो गए थे।

    विनोद ने अपने पिता और आस्ट्रेलिया में रहने वाले भाई प्रमोद को पत्नी निधि के अवैध संबंध के बारे में बता दिया था। इसके बाद बीच में रोड़ा बन रहे विनोद को मौत के घाट उतार दिया गया। उसके पिता को भी उनके संबंध के बारे में पता था। भाई प्रमोद को उनकी जान खतरे में लगी तो उन्होंने पिता को आस्ट्रेलिया अपने पास बुला लिया।

    हत्या के पहले सप्ताह में ही उठा दिए थे सवाल

    विनोद भराड़ा के पानीपत में रहने वाले स्वजन ने बताया कि हत्या के पहले सप्ताह में ही उन्होंने मामले में सवाल खड़ा कर दिया था कि देव सुनार झूठ बोल रहा है, इस हत्याकांड में अन्य आरोपित भी शामिल हैं। उन्होंने अवैध संबंध के बारे में भी उस समय जिक्र किया था, लेकिन तब उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।

    पुलिस की जांच भी कटघरे में

    हत्या के बाद पुलिस ने आरोपित देव सुनार को मौके पर पकड़ लिया था, लेकिन उससे गहनता से पूछताछ नहीं की गई। सड़क हादसे में समझौता न करने पर हत्या करने की वजह को ही सच मान लिया गया। एसपी अजीत सिंह शेखावत इस मामले में लापरवाही बतरने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच करा रहे हैं।

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    बीमा पालिसी कराई मेच्योर

    थार गाड़ी की गिफ्ट सीआइए-3 इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। विनोद की मौत के बाद उसकी बीमा पालिसी को निधि और सुमित ने मेच्योर करा लिया था। उन रुपयों से निधि ने सुमित को थार गाड़ी गिफ्ट की थी। पुलिस अब विनोद की अन्य पालिसी की जांच में जुटी है। विनोद की कितनी पालिसी थी और कितनी पालिसी मेच्योर हुई? मेच्योर होने वाली पालिसी का पैसा कहां है? इन सब एंगल पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच में सामने आया कि निधि हत्यारोपित देव सुनार के बच्चों की फीस भी भर रही थी और टक्कर मारकर विनोद का एक्सीडेंट करने वाली पिकअप की किस्त भी वही जमा करा रही थी।

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    पिता को बुलाया ऑस्ट्रेलिया

    भाई के बाद दोस्त से अफेयर के बारे में सुना था वह लंबे समय से पूरे परिवार से कटी हुई थी और बहुत सी बातें जुड़ नहीं पाती थीं। पति के मारे जाने पर एक सामान्य पत्नी का व्यवहार ऐसा नहीं होता। दोस्तों से सुमित के साथ उसके अफेयर के बारे में सुना था। इसके बाद पिता को आस्ट्रेलिया लाना पड़ा, क्योंकि मुझे लगा कि उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।

    ऐसे हुआ शक

    विनोद ने हत्या से एक महीने पहले मुझे इस संबंध के बारे में बताया था, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा हो सकता है। जब सुमित ने कंप्यूटर सेंटर पर कब्जा करने की कोशिश की तो पता चला कि दो साल से ऐसा चल रहा था। इसलिए मैंने जांच के लिए मांग उठाई। आखिरी शक तब हुआ, जब निधि ने देव को पहचानने से इन्कार कर दिया। जैसा कि विनोद के भाई प्रमोद आस्ट्रेलिया से दैनिक जागरण को पूरा मामला लिख भेजा।

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