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    भिवाड़ी धमाके के बाद हृदयविदारक मंजर, शवों की पहचान तक मुश्किल; थाने से सड़क तक गूंजती रही चीख-पुकार

    Updated: Mon, 16 Feb 2026 07:06 PM (IST)

    भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट के बाद का मंजर हृदयविदारक था। मलबे के बीच राहत कार्य जारी रहा, वहीं अपनों की तलाश में पहुंचे ...और पढ़ें

    अपनों को खोने के बाद मंत्री संजय शर्मा के सामने पुलिस थाने में चीखते-पुकारते स्वजन। जागरण

    अपनों को खोने के बाद मंत्री संजय शर्मा के सामने पुलिस थाने में चीखते-पुकारते स्वजन। जागरण

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    जागरण संवाददाता, भिवाड़ी। सोमवार को खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट के बाद का मंजर बेहद हृदयविदारक रहा। घटनास्थल पर जहां मलबा और धुएं के बीच राहत-बचाव कार्य जारी रहा। वहीं, अपनों की खोज में पहुंचे स्वजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

    महिलाएं बेसुध होकर गिर पड़ीं

    कई स्वजन बदहवास हालत में इधर-उधर जानकारी जुटाते नजर आए। किसी को अपने बेटे की चिंता थी तो कोई भाई या पति का नाम पुकारता रहा। हादसा इतना भयावह था कि कई शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था, जिससे परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई।

    शाम तक घटनास्थल से लेकर खुशखेड़ा पुलिस थाने तक शोक और चीख-पुकार गुंजती रही। थाने में मौजूद स्वजन प्रशासन से अपने लोगों के बारे में जानकारी मांगते रहे। कई महिलाएं बेसुध होकर गिर पड़ीं, जिन्हें संभालने के लिए अन्य लोग आगे आए।

    मंजर देखकर सन्न रह गए

    दरअसल, भीषण विस्फोट में जान गंवाने वाले मिंटू के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मिंटू के पिता सतेंद्र पासवान ने रोते हुए कहा, ‘मेरा बेटा सुबह रोज की तरह ड्यूटी पर गया था। उसने कहा था कि काम पर पहुंच गया हूं। हमें क्या पता था कि यह आखिरी बात होगी।’

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    उन्होंने बताया कि मिंटू उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर का था और पिछले छह महीने से पटाखा बनाने की फैक्ट्री में काम कर रहा था। मिंटू के बहनोई गुड्डू ने बताया कि हादसे की सूचना सोमवार सुबह करीब दस बजे मिली।

    सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए। ‘शव इस हालत में थे कि पहचानना मुश्किल था। सिर्फ अस्थियां और अवशेष दिखाई दे रहे थे,’ यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। गुड्डू ने बताया कि सभी मृतक बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले थे और आपस में रिश्तेदार थे। ठेकेदार अभिनंदन इन लोगों को लेकर आया था।

    मंत्री संजय शर्मा ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया

    देर शाम तक प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान की प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाती रही। घायलों का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जारी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्वजनों को ढांढस बंधाने और हरसंभव सहायता का आश्वासन देते नजर आए, लेकिन अपनों को खोने का गम शब्दों से परे था। परिवारों ने सरकार से आर्थिक सहायता और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने ख़ुशखेड़ा पुलिस थाने में शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि हादसे की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी तथा जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

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