रेवाड़ी में खुलेंगे 33 स्पेशल सेंटर, अब 9 महीने चलेगा आउट ऑफ स्कूल बच्चों का ब्रिज कोर्स
रेवाड़ी में समग्र शिक्षा अभियान के तहत 33 विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ स्कूल से बाहर बच्चों को अब 6 की बजाय 9 महीने का ब्रिज कोर्स ...और पढ़ें
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HighLights
स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर में विद्यार्थियों को कराया जाएगा ब्रिज कोर्स
अब विद्यार्थियों को नौ माह तक कराई जाएगी पढ़ाई
एजुकेशन वालंटियर की नियुक्ति को लेकर भी शुरू हो गई है नामांकन प्रक्रिया
गोबिंद सिंह, रेवाड़ी। स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले में 33 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर यानी एसटीसी स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर बच्चों को अब छह की जगह नौ माह तक ब्रिज कोर्स कराया जाएगा, ताकि वह शैक्षणिक स्तर पर मजबूत होकर सीधे सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकें।
ब्रिज कोर्स का उद्देश्य उन बच्चों को बुनियादी शिक्षा से जोड़ना है जो विभिन्न कारणों से स्कूल छोड़ चुके हैं या कभी स्कूल नहीं जा सके। पहले यह कोर्स छह माह का होता था, जिसके बाद बच्चों का नजदीकी सरकारी विद्यालय में दाखिला कराया जाता था। अब अवधि बढ़ाकर नौ माह कर दी गई है, जिससे बच्चों को पढ़ाई में अधिक समय और बेहतर तैयारी मिल सकेगी।
जिले में गत जनवरी में 983 बच्चों को आउट ऑफ स्कूल चिन्हित किया गया था। वहीं शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 400 बच्चों को चिन्हित कर विशेष केंद्रों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा गया था। इस बार भी सर्वे के आधार पर चिन्हित बच्चों को इन केंद्रों में दाखिला दिया जाएगा।
ट्रेनिंग सेंटर में पढ़ाई के साथ उपलब्ध होगी सुविधाएं
स्पेशल ट्रेनिंग सेंटरों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को नियमित रूप से मिड-डे मील, किताबें और स्टेशनरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। पढ़ाई के दौरान बच्चों की प्रगति का आकलन कर उन्हें उपयुक्त कक्षा में सरकारी स्कूल में दाखिल कराया जाएगा। इसके साथ ही एजुकेशन वालंटियर की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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इन वालंटियरों का काम केंद्रों पर बच्चों को पढ़ाना और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना होगा। चयनित वालंटियरों को समग्र शिक्षा की गाइडलाइन के अनुसार मानदेय दिया जाएगा। ब्रिज कोर्स की अवधि बढ़ने से बच्चों को बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ गणित, हिंदी और अंग्रेजी में पकड़ मजबूत करने का मौका मिलेगा। इससे स्कूल में प्रवेश के बाद भी उनका प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
जिले में 33 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर संचालित करने को लेकर मुख्यालय से अनुमति मिल गई है। अब बच्चों की ट्रेसिंग के अनुसार ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं एजुकेशन वालंटियर की नियुक्ति को लेकर भी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- संतोष तंवर, जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा