Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    रेवाड़ी डिपो को मई में मिलेंगी 20 नई बसें, बंद पड़े रूट फिर से होंगे शुरू; यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 01:56 PM (GMT+05:30)

    रेवाड़ी डिपो को मई से 20 नई बसें मिलेंगी, जिससे एक दर्जन से अधिक बंद पड़े रूटों पर बसों का संचालन फिर से शुरू हो सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के हजार ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. बसों के अभाव में एक दर्जन के करीब रूटों पर बंद पड़ा है बसों का संचालन

    2. बसों को लेकर स्थानीय अधिकारियों की तरफ से की गई थी मुख्यालय को डिमांड

    3. वर्तमान में मौजूद है 153 बसें, चालक परिचालकों की भी बनी हुई है कमी

    जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेवाड़ी डिपो को जल्द ही 20 सामान्य बसों की खेप मिलने वाली है। नई बसें मिलने से जहां लंबे समय से बंद पड़े एक दर्जन के करीब रूटों पर पुन: बसों का संचालन शुरू हो सकेगा। बंद पड़े रूटों पर बसों का संचालन शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के हजारों यात्रियों को फायदा मिलेगा।

    ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में में नौकरी-पेशा, छात्र सहित अन्य लोग रोडवेज की बसों में सफर करते हैं। बसों की लगातार मिल रही डिमांड और बंद पड़े रूटों को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों की तरफ से मुख्यालय को नई बसों को लेकर डिमांड भेजी गई थी, जिसे परिवहन मुख्यालय की तरफ से हरी झंडी दे दी गई थी। वहीं अब गुरुग्राम स्थित रोडवेज की वर्कशाप में बसों बाडी तैयार की जा रही है। मई माह से डिपो में बसें आना शुरू हो जाएंगी।

    इन रूटों पर प्रभावित चल रही हैं बस सेवाएं

    रेवाड़ी डिपो में एक दर्जन से अधिक रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित चल रही हैं। इनमें मुख्य रूप से रेवाड़ी-कोसली, महेंद्रगढ़, नारनौल, पटौदी, कोटकासिम, मथुरा, कोसली-मुरादाबाद, कोसली-खाटूश्याम, कोसली-अलवर आदि रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हैं। अब मई माह में बीएस-6 मानक की 20 बसें मिलने से उनका लंबे और ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन किया जा सकेगा।

    रेवाड़ी डिपो में वर्तमान में 177 बसों का बेड़ा निर्धारित किया हुआ है, लेकिन डिपो में वर्तमान में 153 बसें ही मौजूद हैं, जिनमें से भी पांच से सात आए दिन बसें कार्यशाला में मेंटेनेंस के लिए खड़ी रहती हैं। ऐसे में पूरी क्षमता के साथ बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। वहीं डिपो में लंबे समय से चालक-परिचालकों की भी कमी बनी हुई है।

    खबरें और भी

    हमने बसों को लेकर कुछ माह पहले मुख्यालय को डिमांड भेजी थी। अगले माह में डिपो को बसें मिलने की उम्मीद है। बसें मिलने के बाद उनका रूटों पर मांग अनुसार संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।


    -

    - निरंजन कुमार, महाप्रबंधक रोडवेज