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    बाल कटवाकर लड़कों के बीच कराई ट्रेनिंग, पिता के संघर्ष के दम पर रोहतक की शेफाली ने लॉर्ड्स के मैदान पर रचा इतिहास

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 01:13 PM (IST)

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई, उनका क्रिकेट सफर पिता के संघर्ष और प्रेरणा स ...और पढ़ें

    पिता के संघर्ष के दम पर रोहतक की शेफाली ने लॉर्ड्स के मैदान पर रचा इतिहास (फोटो: जागरण)

    पिता के संघर्ष के दम पर रोहतक की शेफाली ने लॉर्ड्स के मैदान पर रचा इतिहास (फोटो: जागरण)

    प्रियंका देशवाल, रोहतक। इंग्लैंड के ऐतिहासिक लार्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर पहली बार खेले गए महिला टेस्ट मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत में रोहतक की स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई।

    अंडर-19 महिला टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने वाली शेफाली का क्रिकेट सफर संघर्ष व प्रेरणादायक कहानी है। शेफाली के पिता संजय वर्मा ने बताया कि वह खुद क्रिकेटर रहे, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच सके।

    उन्होंने अपनी बेटी के माध्यम से अपना सपना साकार करने का संकल्प लिया और शेफाली को घर पर ही क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग देना शुरू किया। करीब 9 साल की उम्र में जब शेफाली की प्रतिभा निखरने लगी, तो उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलाया गया।

    हालांकि उस समय एकेडमी में कोई भी लड़की खिलाड़ी नहीं थी। कोच ने उन्हें दूसरा खेल अपनाने की सलाह दी, लेकिन संजय वर्मा ने हार नहीं मानी। उन्होंने शेफाली का लड़कों जैसा हेयरकट करवाया और उन्हें लड़कों के साथ अभ्यास कराने लगे। इसी माहौल में शेफाली ने अपनी बल्लेबाजी को निखारा और करीब 10 वर्ष की उम्र में लेदर बाल से खेलना शुरू कर दिया।

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    वर्ष 2013 में जब सचिन तेंदुलकर रणजी ट्राफी मैच खेलने रोहतक के लाहली स्टेडियम पहुंचे, तब उन्हें देखकर शेफाली को क्रिकेट के प्रति और अधिक प्रेरणा मिली। 12 साल की उम्र में उन्हें महिला क्रिकेट एकेडमी में दाखिला मिला। इस दौरान ट्रेनिंग के साथ-साथ परिवार को रिश्तेदारों की आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन शेफाली और उनके पिता अपने लक्ष्य पर डटे रहे।

    रणजी स्तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर मात्र 15 साल की उम्र में शेफाली का भारतीय टीम में चयन हुआ और वह टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में शामिल हुई। वहीं 19 साल की उम्र तक उन्होंने 51 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1231 रन बनाए।

    उनका स्ट्राइक रेट 134.53 रहा और उनके नाम 149 चौके व 48 छक्के दर्ज है। आइसीसी द्वारा पहली बार आयोजित अंडर-19 महिला टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को खिताब दिलाने में भी शेफाली की भूमिका बेहद अहम रही। अब वह भारत के लिए टी-20, वनडे और टेस्ट तीनों प्रारूपों में खेल चुकी है

    शेफाली वर्मा का कहना है कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि उन्हें देखकर अब अन्य लड़कियां भी क्रिकेट में आगे आने के लिए प्रेरित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही लड़कियां देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगी।