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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बहादुरगढ़ की राजनीति के 'चाणक्य', चौटाला परिवार के करीबी; जानें कौन थे नफे सिंह जिन्हें सरेआम बदमाशों ने उतारा मौत के घाट

    By Jagran News Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Mon, 26 Feb 2024 01:31 PM (IST)

    हरियाणा INLD प्रमुख नफे सिंह राठी की रविवार को गोली मारकर हत्या (Nafe Singh Rathee Murdered) कर दी गई। पूर्व विधायक नफे सिंह को बहादुरगढ़ की राजनीति ...और पढ़ें

    Nafe Singh Rathee Murdered: बहादुरगढ़ की राजनीति के चाणक्य माने जाते थे नफे सिंह।
    Nafe Singh Rathee Murdered: बहादुरगढ़ की राजनीति के चाणक्य माने जाते थे नफे सिंह।

    HighLights

    1. बहादुरगढ़ की राजनीति के चाणक्य माने जाते थे नफे सिंह।
    2. नफे सिंह को 40 साल से ज्यादा का सियासी अनुभव।
    3. पार्टी की 'परिवर्तन यात्रा' की कर रहे थे अगुवाई।
    4. पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के करीबी नेताओं में से एक।

    जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ से दो बार विधायक चुने गए पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ( who was Nafe Singh Rathee) को बहादुरगढ़ की राजनीति का चाणक्य माना जाता था। वर्तमान में वे इनेलो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। ऐसे में उनका राजनीतिक कद काफी ऊंचा था। तीन दिन पहले ही 22 फरवरी को उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था।

    नफे सिंह को 40 साल से ज्यादा का सियासी अनुभव

    पूर्व विधायकों की एसोसिएशन से लेकर भारतीय शैली की कुश्ती एसोसिएशन का नेतृत्व भी उनके हाथों में था। ऐसे में वे केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी जाना-पहचाना चेहरा थे। नगर पालिका चुनाव से राजनीतिक कैरियर की शुरूआत करने वाले नफे सिंह को 40 साल से ज्यादा का सियासी अनुभव था। अब उनकी इस तरह बेरहमी से हत्या से हर कोई हैरान है।

    पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के करीबी नेताओं में से एक

    कहा जाता है कि नफे सिंह अभय चौटाला (Abhay Chautala) और पार्टी के राइट हैंड हैं। वह पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला (OP Chautala) के करीबी नेताओं में से एक थे। यही कारण है कि उनकी आईएनएलडी पार्टी (INLD News) में एक मजबूत पकड़ थी। राठी एक जाट नेता थे और बहादुरगढ़ के जाटवाड़ा गांव से संबंध रखते थे।

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    'परिवर्तन यात्रा' की कर रहे थे अगुवाई 

    वह बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से ही वह दो बार विधायक रहे हैं। आईएनएलडी में फूट के बाद भी नफे सिंह ने ओम प्रकाश चौटाला के परिवार का साथ नहीं छोड़ा और परिवार में बने रहे। सिंह फिलहाल चुनाव को देखते हुए अभय चौटाला के नेतृत्व वाली 'परिवर्तन यात्रा' की अगुवाई भी कर रहे थे।

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    परिवार भी सियासत में

    नफे सिंह राठी (Nafe Singh Rathee Murdered) के परिवार से बाकी कई सदस्य भी राजनीति में हैं। उनके बड़े पुत्र भूपेंद्र की पत्नी शहर के वार्ड 15 से पार्षद हैं। वहीं छोटे पुत्र जितेंद्र वार्ड नौ से पार्षद हैं। नफे सिंह की दो पुत्रियां हैं, वे भी शादीशुदा हैं। वहीं उनके भतीजे कपूर सिंह राठी की पत्नी मोनिका राठी ने हाल ही में नगर परिषद चेयरपर्सन का चुनाव लड़ा था।

    वे नजदीकी मुकाबले में हार गई थी। इससे पहले वे पार्षद रह चुकी हैं। नफे सिंह के बड़े भाई पूर्ण राठी भी शहर से पार्षद रहे। उनका कुछ साल पहले निधन हो गया था। पूर्व विधायक का बेहद संपन्न परिवार है।

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