अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी ने की आत्महत्या, मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान ने महम के बहु अकबरपुर गांव में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। ...और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी ने की आत्महत्या।
HighLights
कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान ने की आत्महत्या
मायके पक्ष ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच शुरू की, शव पोस्टमार्टम को भेजा
संवाद सहयोगी, महम(रोहतक)। महम के बहु अकबरपुर गांव के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी लगभग 23 वर्षीय मुस्कान ने शुक्रवार दोपहर को सुसाइड कर लिया। बताया गया है कि उन्होंने अपने घर में फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पर बहु अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। पुलिस के अनुसार आत्महत्या के कारणों को लेकर फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मृतका मुस्कान का शव लगभग सात बजे पोस्टमार्टम के लिए पीजीआइएमएस रोहतक के शव गृह में भेज दिया। वहीं मृतका के स्वजनों ने आत्महत्या के लिए मजबूर होने के आरोप लगाकर जमकर बवाल काटा।
पुलिस ने मृतका के स्वजनों को निष्पक्ष जांच करने का भरोसा दिलाया है। मुस्कान महम के फरमाना गांव की रहने वाली थी। उनकी दिसंबर 2023 में फरमाना गांव निवासी शीलू के साथ शादी हुई थी। पिछले साल नवंबर में उनके बेटे हार्दिक का जन्म हुआ।
मृतका मुस्कान ने सुसाइड से एक दिन पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सिंगर दिलजीत दोसांझ के गाने 'ओ घुमेया तू कर नी पटोला बनके, रेहा कर बिल्लो थोड़ा बन-ठन के' पर एक दिन पहले रील अपलोड की थी। वहीं इंटरनेट मीडिया में शादी को लेकर पूछे गए सवाल पर शीलू बल्हारा ने बताया था कि उनका जन्म 2003 में हुआ था।
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उनकी मां लंबे समय से बीमार रहती हैं और उनके पैरों व कमर में तकलीफ है। इसी वजह से परिवार ने उनकी कम उम्र में ही शादी कराने का फैसला लिया था, लेकिन मैं बेहद खुश हूं। शीलू बल्हारा रोहतक में बहु अकबरपुर गांव के रहने वाले हैं।
घर में पिता सुरेंद्र, मां निशा देवी, दादी, एक बहन और भाई मनीष हैं। पिता सुरेंद्र बल्हारा साधारण किसान हैं। मनीष भी कबड्डी खेलते हैं। शीलू जूडो खेलते थे। फिर पहलवानी करने लगे। छह साल की उम्र में कबड्डी खेलना शुरू कर दिया। जब जवानी में कदम रखा तो उनका नाम पंजाब तक पहुंचा। पंजाब की अलग-अलग टीमों में शीलू खेलने के लिए जाते रहते है।
शीलू को चीते के नाम से भी जाना जाता था
12वीं तक की शिक्षा ग्रहण करने वाले शीलू को हरियाणा आला चीत के नाम से भी जाना जाता है। विदेशों में भी शीलू कबड्डी खेलने जाते हैं वे कैचर की भूमिका में खेलते हैं। पिछले साल अमेरिका में हुए कबड्डी टूर्नामेंट में भी वे बेस्ट कैचर चुने गए थे। यहां शीलू ने उत्कृष्ट पकड़ क्षमता और फुर्ती से सबका दिल जीत लिया था।
शीलू कबड्डी मुकाबलों में पंजाब से अब तक 24 ट्रैक्टर, 50 से ज्यादा बुलेट और एक कंबाइन जीतकर घर ला चुके है। उन्होंने मुकाबलों में जीतकर लाई बुलेट को कभी बेचा नहीं है, वे इन्हें अपने दोस्तों या फिर खुद के यूज के लिए ही रखते हैं। ट्रैक्टर और दूसरे उपकरण वे बेच देते हैं। बड़ी संख्या में किसानी से जुड़े उपकरण पंजाब से जीतकर ला चुके हैं।
अभी तक मामले में मृतका के स्वजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। मामले में जो भी बयान दर्ज होंगे, उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पीजीआइएमएस में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। -सोमबीर, एसआई, बहुअकबरपुर पुलिस।