Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू, तीन शुभ योगों में होगी मां की आराधना; नहीं कर सकेंगे ये काम
चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं, जिसमें घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा आरंभ होगी। इस बार नवरात्र शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग ज ...और पढ़ें

19 मार्च से शुरू होगा नवरात्रि। फोटो- एआई जनरेटेड
HighLights
चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2025 से शुरू होंगे।
शुक्ल, ब्रह्म, सर्वार्थ सिद्धि योग में घटस्थापना होगी।
खरमास के कारण मांगलिक कार्य इस दौरान वर्जित।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। चैत्र नवरात्र की शुरुआत बृहस्पतिवार से होगी। इस दिन घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा आरंभ होगी। नवरात्र के नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व मांना जाता है और इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त व्रत भी रखते हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत तीन विशेष शुभ योग शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रही है।
ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को बेहद शुभ और मंगलकारी मांना जाता है, इसलिए इस अवधि में देवी आराधना का विशेष महत्व रहेगा।
इन कार्यों को करने की है मनाही
उन्होंने बताया कि 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमांस की शुरुआत हो चुकी है, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। चैत्र नवरात्र इसी अवधि में पड़ रहे हैं, इसलिए इस दौरान विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष अष्टमी और नवमी तिथि का संयोग विशेष रहेगा। 26 मार्च को अष्टमी और नवमी का संयुक्त पूजन, कन्या पूजन और हवन किया जाएगा।
घटस्थापना का मुहूर्त
- नवरात्र के पहले दिन घरों और मंदिरों में घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है, जिसे देवी पूजा की शुरुआत मांना जाता है।
- घटस्थापना मुहूर्त : सुबह 6:23 बजे से 7:32 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त (वैकल्पिक) : दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक