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बारिश में सड़कें बनीं तालाब, सोनीपत में जलभराव में फंसे वाहन और जल निकासी के दावों की खुली पोल

Updated: Sun, 23 Aug 2026 11:07 AM (GMT+05:30)

गोहाना में रविवार सुबह हुई तेज वर्षा से शहर की सड़कें तालाब बन गईं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हुई और जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खुल गई।

सोनीपत में बारिश से सड़कें बनीं तालाब। जागरण

सोनीपत में बारिश से सड़कें बनीं तालाब। जागरण

HighLights

  1. तेज वर्षा से गोहाना की सड़कें तालाब में बदलीं।

  2. जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खुल गई।

  3. वर्षा धान सहित अन्य फसलों के लिए लाभदायक।

जागरण संवाददाता, गोहाना (सोनीपत)। रविवार सुबह हुई तेज वर्षा से गोहाना शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। शहर की अधिकतर प्रमुख सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

बताया गया कि कई जगह सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों की पोल खुल गई। कुछ स्थानों पर पानी में वाहन बंद हो गए, जिसके बाद लोगों को धक्का लगाकर उन्हें निकालना पड़ा।

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रविवार सुबह करीब 4 बजे वर्षा की शुरुआत हुई। दिन निकलने के बाद वर्षा तेज हो गई। करीब दो घंटे तक हुई वर्षा से शहर के नीचे के हिस्सों के साथ प्रमुख मार्गों पर भी पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव होने से पैदल निकलना मुश्किल हो गया।

वहीं, दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। सड़क पर भरे पानी के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ा, जबकि कुछ स्थानों पर पानी में वाहन फंस गए। जब भी तेज वर्षा होती है, शहर में जलभराव की समस्या बन जाती है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा जल निकासी व्यवस्था के दावे किए जाते हैं।

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गांवों में कहीं तेज तो कहीं कम हुई वर्षा

शहर के साथ आसपास के गांवों में भी वर्षा हुई। कुछ गांवों में अच्छी वर्षा हुई, जबकि शहर से दूर के गांवों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई। लंबे समय से क्षेत्र में कम वर्षा के कारण किसान चिंतित थे। रविवार की वर्षा से किसानों को थोड़ी राहत मिली।

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फसलों के लिए संजीवनी बनी वर्षा

वर्षा से खेतों में खड़ी धान सहित अन्य फसलों को फायदा हुआ है। धान की फसल को इस समय पानी की जरूरत है। वर्षा होने से सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और फसलों को भी राहत मिलेगी। वर्षा से फसलों में बीमारियां भी कम आती हैं और पौधों का विकास भी अच्छा होता है।