सोनीपत में ऐतिहासिक फैसला: अब दिन में होंगी शादियां, क्या है वजह और फायदे?
हरियाणा की खाप पंचायतों ने समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सोनीपत के सिसाना गांव में हुई महापंचायत में तय हुआ कि अब शादियां दिन में ...और पढ़ें
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हरियाणा की खाप पंचायतों ने समाज सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इमेज एआई
HighLights
शादियां अब रात के बजाय दिन में होंगी।
फिजूलखर्ची रोकने और सुरक्षा बढ़ाने का लक्ष्य।
बुजुर्गों और महिलाओं को मिलेगी विशेष सुविधा।
जागरण संवाददाता, खरखौदा। हरियाणा की खाप पंचायतों ने समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को गांव सिसाना में दहिया खाप की अध्यक्षता में अलग-अलग खापों की महापंचायत हुई। इसमें एकमत से यह फैसला लिया गया कि अब शादी समारोह रात के बजाय दिन में होंगे। इस पहल का मुख्य मकसद शादियों में बढ़ते फिजूलखर्ची पर रोक लगाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
सामाजिक सद्भाव और सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
पुराने रोहतक की अलग-अलग खापों की एक अहम मीटिंग शनिवार को गांव सिसाना में खाप प्रमुख जयपाल दहिया की अध्यक्षता में हुई। अलग-अलग खापों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया और सामाजिक सद्भाव और सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
पंचायत के दौरान शादियों में बढ़ते खर्च, फालतू दिखावे और रात के कार्यक्रमों में होने वाली दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। काफी सोच-विचार के बाद, एकमत से यह फैसला लिया गया कि भविष्य में सभी खाप प्रमुख और प्रतिनिधि अपने परिवार की शादियां दिन में करेंगे, रात में नहीं।
दिन में शादियां करने से होंगे ये फायदे
प्रधानों ने कहा कि दिन में शादियां करने से फालतू खर्च नहीं होगा, सुरक्षा की चिंता कम होगी और बुजुर्गों और महिलाओं को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, बिजली की खपत कम होगी और सामाजिक कार्यक्रम सादे तरीके से होंगे। पंचायत ने यह भी फैसला किया कि यह फैसला खाप से जुड़े सभी गांवों को बताया जाएगा और समुदाय से इसका पालन करने की अपील की जाएगी, जबकि मीटिंग में मौजूद प्रतिनिधि खुद इसका पालन करेंगे।
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खाप प्रधान अब हर महीने के आखिरी शनिवार को सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मीटिंग करेंगे। मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि कोई भी खाप प्रधान गलत कदम उठाएगा तो उस पर कार्रवाई होगी।
मीटिंग में जगवंत हुड्डा, जयवीर कुंडू, संजय देसवाल, राजपाल कलकल, राजपाल कादियान, मानसिंह दलाल, सुभाष गोयत (महम चौबीसी), सतबीर गहलावत, राजा खत्री (इस्माइला), कंवर सिंह धनखड़ (360 खाप), नरेंद्र जाखड़ और जयसिंह गहलावत समेत कई खापों के प्रधान और प्रतिनिधि शामिल हुए।