Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    खरखौदा में करोड़ों की योजना पर बड़ा सवाल, जानें दूषित पानी की समस्या के लिए सरकार का क्या है प्लान?

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:57 AM (IST)

    खरखौदा में 35 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट वर्षा जल निकासी के लिए है, न कि दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए। शहर की 35 हजार आबादी साल भर दूषित पा ...और पढ़ें

    पूरे शहर में न तो सीवर लाइन बिछी हुई है और न शहर का पानी उनमें जाता है। प्रतीकात्मक तस्वीर

    पूरे शहर में न तो सीवर लाइन बिछी हुई है और न शहर का पानी उनमें जाता है। प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. खरखौदा में 35 करोड़ का प्रोजेक्ट वर्षा जल निकासी हेतु।

    2. दूषित पानी की समस्या के लिए कोई योजना नहीं।

    3. शहर की आबादी साल भर गंदे पानी से परेशान।

    जागरण संवाददाता, खरखौदा (सोनीपत)। शहर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के तहत नए प्रोजेक्ट के तहत खर्च की जाने वाली 35 करोड़ रुपये की राशि शहर के दूषित पानी की समस्या का हल नहीं करेगी, बल्कि इसे तो सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के द्वारा वर्षा के पानी की निकासी के लिए खर्च किया जाएगा। ऐसे में पहले से जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 11 करोड़ रुपये के चल रहे प्रोजेक्ट के साथ अब 35 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के मिल जाने से शहर की वर्षा के पानी की निकासी पर कुल खर्च 46 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हो गया है।

    पानी निकासी बाधित हो जाएगी

    बृहस्पतिवार को खरखौदा नगर पालिका के अधिकारियों व पार्षदों की बैठक एसएमडीए के अधिकारियों के साथ हुई। जिसमें पहुंचे एसएमडीए के चीफ इंजीनियर श्रीकृष्ण दहिया ने बताया कि पिछली बैठक में पार्षदों ने शिकायत की थी कि शहर के गोपालपुर मार्ग व पुराने रोहतक मार्ग से इस प्रोजेक्ट को नहीं जोड़ा गया है, ऐसे में वहां की पानी निकासी बाधित हो जाएगी।

    कैसे होगी दूषित पानी की निकासी?

    इस पर वह बताना चाहते हैं कि प्रोजेक्ट में इन मार्गों को भी जोड लिया गया है, जिस पर पार्षदों ने पहले तो राहत की सांस ली, लेकिन बाद में चर्चा के दौरान यह बात निकलकर सामने आई कि 35 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस प्रोजेक्ट को वर्षा के पानी निकासी के लिए तैयार किया गया है, सवाल उठा कि शहर के दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था क्या रहेगी तो एसएमडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन है।

    गंदे पानी से मुक्ति का कहां है प्लान?

    बता दें कि पूरे शहर में न तो सीवर लाइन बिछी हुई है और न शहर का पानी उनमें जाता है। वह पानी तो नालों के माध्यम से ड्रेन तक जाता है, उसकी भी शहर में समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सवाल फिर से वहीं पर आकर खड़ा हो गया कि करीब 35 हजार की आबादी वाले खरखौदा शहर में सिर्फ वर्षा के पानी निकासी के लिए तो 46 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जा रही है। जोकि साल में सर्फ दो या तीन महीने होती है। लेकिन, जिस दूषित पानी की समस्या से खरखौदा पूरे साल जुझता है, उसके निदान के लिए अभी तक कहीं पर कोई प्लान ही नहीं है।

    खबरें और भी

    अब शहर की पानी निकासी के लिए अलग से होगा मंथन

    नपा कार्यालय में हुई इस बैठक के बाद अब फिर से चर्चा हो रही है कि शहर के अंदर के दूषित पानी की निकासी के लिए अलग से प्रोजेक्ट बनाने पर मंथन किया जाएगा। इसके लिए सरकार से नए सिरे से सीवर लाइन डालकर समस्या का समाधान कराने की मांग की जाएगी।