मुरथल के ढाबे पर रोबोट परोस रहे चाय-पराठा, हाई-टेक सर्विस के दीवाने हुए लोग
मुरथल के ढाबे अब हाई-टेक हो गए हैं, जहां टॉय ट्रेन और रोबोटिक डाइनिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा ...और पढ़ें
HighLights
मुरथल ढाबे अब हाई-टेक तकनीक से लैस हो गए हैं।
टॉय ट्रेन और रोबोटिक वेटर खाना परोसने का नया अनुभव।
रेशम ढाबे का विशाल पराठा शाही स्वागत के साथ परोसा जाता है।
विष्णु कुमार, सोनीपत। अगर खाने-पीने के साथ अलग अनुभव करना चाहते हैं तो आपको मुरथल के ढाबों में जाना चाहिए। यहां के ढाबे अब किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की तरह हाई-टेक हो चुके हैं। यहां बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया गया है।
टॉय ट्रेन सर्विस
रेशम ढाबे पर 20-20 की रो में 40 टेबल लगाई गई हैं। इन पर किचन की दीवार के साथ लंबी पटरियां बिछाई गई हैं जो सीधे ग्राहक की टेबल (प्लेटफॉर्म) तक पहुंचती हैं।

किचन के अंदर से टेबल नंबर का बटन दबाते ही टाय ट्रेन खाना लेकर उसी टेबल पर रुकती है। यह कॉन्सेप्ट पूरे देश में मशहूर हो रहा है।
रोबोटिक डाइनिंग : अब वेटर की जगह रोबोट भी
खाना सर्व करते नजर आते हैं। ग्राहकों को कमांड के जरिए रोबोट द्वारा खाना मिलना एक नया अनुभव प्रदान करता है।

डिजिटल पेमेंट
हर ढाबे पर क्यूआर कोड और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा है, जो इसे आधुनिक पीढ़ी के अनुकूल बनाती है।
पराठा की बादशाहत और रेशम का शाही अंदाज
मुरथल की पहचान यूं तो यहां के पराठा ही हैं, लेकिन अब आपको यहां साउथ इंडियन, चाइनीज और कॉन्टिनेटन सब तरह का खाना मिलेगा। हालांकि पराठा" की बादशाहत बरकरार है। आलू, "याज, गोभी, मूली और मेथी क" अलावा अब यहां सीजनल पराठा" और तंदूरी पराठा (कम मख्खन चाहने वालों के लिए) की भारी डिमांड हमेशा रहती है।
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देश का सबसे बड़ा पराठा
रेशम ढाबे पर परोसा जाने वाला विशाल पराठा पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय है। इसे एक विशाल थाली में 14 कटोरियों(दाल, सब्जियां, रायता, खीर, सलाद, मिठाई व पापड़) के साथ पेश किया जाता है।

घंटी के साथ शाही स्वागत
जब भी कोई ग्राहक इस किंग साइज पराठा का ऑर्डर देता है तो एक वेटर बड़ी थाली उठाता है और दूसरा वेटर आगे‐आगे घंटी बजाते हुए चलता है। यह नजारा लोगों को इतना पसंद आता है कि लोग खाना खाने से ज्यादा तस्वीरें खींचने में व्यस्त हो जाते हैं। 1100 रुपये की यह थाली पूरे परिवार के लिए पर्याप्त होती है।
