यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सोनीपत की फैक्ट्री में आग लगने से अब तक चार लोगों की मौत, मरने वालों में उद्योगपति राकेश देवगन भी शामिल
सोनीपत के राई में सांवरिया एक्सपोर्ट फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में उद्योगपति राकेश देवगन की मौत हो गई। बता दें इस हादसे में अब यह चौथी मौत है। सांवरिय ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सोनीपत। (Sonipat Factory Fire News) सोनीपत राई में सांवरिया एक्सपोर्ट फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में पड़ोसी उद्योगपति राकेश देवगन की मौत हो गई है। इस हादसे में अब यह चौथी मौत है। राकेश देवगन फैक्ट्री में आग लगने के बाद मदद के लिए पड़ोसी की फैक्ट्री में गए थे। अचानक ब्लास्ट की जद में आने से वह 95% झुलस गए थे।
कई दिन से भी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे।रात को 12:00 बजे राकेश देवगन (Rakesh Devgan) ने अंतिम सांस ली। वह राई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान थे और प्रधान होने के नाते पड़ोसी की मदद के लिए गए थे।
हादसे में लोगों की हालत हुई थी गंभीर
साथ ही पीड़ित पक्ष से बातचीत भी की जाएगी। सांवरिया एक्सपोर्ट हादसे में अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। राई इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश देवगन, फैक्ट्री के मालिक राहुल जैन और सांवरिया फैक्ट्री के दो कर्मचारी उमेंद्र और रामचंद्र के नाम शामिल हैं। कई लोगों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
राकेश देवगन का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह फैक्ट्री में आग लगने के बाद राहुल जैन के साथ सहायता के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरा ब्लास्ट होने के कारण वे भी आग की चपेट में आ गए। हादसे में 52 लोग जख्मी हुए थे जिसमें से 19 फैक्ट्री के थे, जबकि बाकी के लोग दूसरी फैक्ट्रियों में काम करने वाले, सहायता करने वाले और राहगीर थे।
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ज्वलनशील केमिकल के रखरखाव में बरती जाती है लापरवाही
औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित फैक्ट्रियों में ज्वलनशील केमिकल के रखरखाव में भी लापरवाही बरती जाती है। सांवरिया एक्सपोर्ट में बिजली के मेन स्विच बाक्स के नीचे और बायलर के पास ड्रम में साल्वेंट रखा गया था। माना जा रहा है कि बिजली के तारों की चिंगारी या फिर बायलर की गर्मी से केमिकल ने आग पकड़ ली जिसके बाद ड्रम में रखे अत्यंत ज्वलनशील केमिकल ने आग को फैलाने में मदद की। एक के बाद एक ड्रम के ढक्कन खुल गए और फैक्ट्री के बाहर खड़े लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया।