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    150 बसें, सिर्फ दो मैकेनिक: सोनीपत बस अड्डे की वर्कशॉप ठप, यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 09:11 AM (IST)

    सोनीपत बस अड्डे के वर्कशॉप में 200 से अधिक स्वीकृत पदों के बावजूद केवल दो मैकेनिक हैं। इस कमी के कारण रोजाना 8-10 बसें मरम्मत के अभाव में खड़ी रहती है ...और पढ़ें

    जिला बस अड्डा के वर्कशॉप में मैकेनिकों की भारी कमी। फाइल फोटो

    जिला बस अड्डा के वर्कशॉप में मैकेनिकों की भारी कमी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. 200 से अधिक पदों पर केवल दो मैकेनिक तैनात।

    2. मरम्मत के अभाव में रोज 8-10 बसें खड़ी रहती हैं।

    3. मैकेनिकों की कमी से बस संचालन और यात्री प्रभावित।

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। जिला बस अड्डा के वर्कशॉप में मैकेनिकों की भारी कमी है। 200 से अधिक पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल दो ही मैकेनिक तैनात है। वर्कशाप अप्रेंटिस के सहारे चल रहा है।

    वर्कशाप की स्थिति ये है कि बसों को समय पर मरम्मत नहीं मिल रही हैं और रोजाना आठ से 10 बसें वर्कशाप में खड़ी रहतही हैं। ऐसे में रोडवेज का संचालन भी प्रभावित रहता है और यात्रियों को कई बार लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है।

    150 से ज्यादा बसें मौजूद

    सोनीपत बस अड्डे मेंं 150 से अधिक बस है। इन बसों के संचालन के लिए मरम्मत व सर्विस की समय-समय पर आवश्यकता होती है।वहीं, बसों की फिटनेस और सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा हैं। वर्कशाप में मैकेनिक कम होने के चलते बसों का संचालन भी प्रभावित रहता है।

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    यदि जल्द ही मैकेनिकों की भर्ती नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। सोनीपत बस अड्डे में 33 से अधिक रूटों पर बसों का संचालन हैं और 50 से अधिक निजी बसें भी विभिन्न रूटों पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिल रही है।

    घटिया एड ब्लू से रोडवेज की 30 बसें हुई थी खराब

    रोडवेज डिपो में मुख्यालय की ओर से भेजी गई एड ब्लू (प्रदूषण रोधी तरल पदार्थ) की निम्न गुणवत्ता होन से बीएस-6 श्रेणी की करीब 30 बसों के पंप बंद हो गए थे। ये बसें वर्कशाप में कई दिनों तक खड़ी रही थी। इन पंपों को ठीक कराने के लिए रोडवेज को लाखों रुपये खर्च तो करने ही पड़े थे, मैकेनिकों की संख्या कम होने से मरम्मत का काम भी कई दिन तक चला था।

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    मुख्यालय के पास मैकेनिकों की मांग भेजी गई है। मुख्यालय की ओर से जल्द ही मैकेनिकों की भर्ती की जाएगी। इसके बार कोई दिक्कत नहीं होगी। रोडवेज मेंं अधिकतर बसे नई है, जिसके चलते मरम्मत की ज्यादा आवश्यकता नहीं पड़ती है।

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    डॉ. संजय कुमार, जीएम, रोडवेज