कारोबारी शिवचरण गुप्ता की श्रद्धांजलि सभा में भी बेटियों ने आने से किया इनकार; समाजसेवी निभा रहे 13 दिन की रस्में
कारोबारी शिवचरण गुप्ता की 16 अगस्त को होने वाली श्रद्धांजलि सभा में भी उनकी बेटियों ने आने से इनकार कर दिया है। अब शहर के समाजसेवी ही उनकी 13 दिन की र ...और पढ़ें

सूरी पेट्रोल पंप वाली गली में स्थित आनंदाश्रम में भोजन करते बुजुर्ग। जागरण
HighLights
बेटियों ने पिता की श्रद्धांजलि सभा में आने से इनकार किया।
समाजसेवी निभाएंगे शिवचरण गुप्ता की 13 दिन की अंतिम रस्में।
अंतिम संस्कार के वीडियो कॉल पर बेटी का वायरल बयान।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। कारोबारी शिवचरण गुप्ता की अंत्येष्टि में उनकी तीन शिक्षक बेटियों की संवेदनहीनता जारी है। अंतिम संस्कार करने वाले समाज कल्याण समिति, आनंदाश्रम के संचालक व समाजसेवियों ने फैसला लिया है कि 16 अगस्त को शिवचरण गुप्ता को श्रद्धांजिल देने के लिए आश्रम में सभा की जाएगी। इसके लिए उन्होंने उनकी तीनों बेटियों को फोन कर आने के लिए कहा, लेकिन तीनों ने आने से इनकार कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद अब आगामी रस्में भी शहर के समाजसेवी ही निभाएंगे।
खबरें पढ़कर डिप्रेशन में आईं महिलाएं
सूरी पेट्रोलपंप वाली गली में स्थित आनंदाश्रम के संचालक आनंद कुमार ने बताया कि अपने पिता की अंत्येष्टि में नहीं पहुंचने वाली बेटियों को गुरुवार को फोन कर 16 अगस्त को श्रद्धांजलि सभा मेंं आने को कहा। शिवचरण गुप्ता की मुंबई में रहने वाली बेटी के प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले पति ने बताया कि वे नहीं आ सकेंगे। अखबारों व सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को देखकर महिला डिप्रेशन में आ गई हैं।
समाजसेवी करेंगे 13 दिनों की क्रिया
इस कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा किसी को भी उनका मोबाइल नंबर न दें। आनंद कुमार ने वहीं आजमगढ़ में रहने वाली बेटी का मोबाइल नंबर कोई पुरुष उठाता है और अभद्रता से बात करता है। तीनों बेटियों ने श्रद्धांजलि सभा में आने से इनकार कर दिया है। अब शहर के समाजसेवी 13 दिन तक अंतिम संस्कार की रस्में निभाएंगे।

वीडियो में कह रहीं- जल्दी करो नहाना भी है
अंतिम संस्कार में वीडियो काॅल से जुड़ी शिवचरण गुप्ता की बेटी अंत्येष्टि करने वाले समाजसेवियों से कहती सुनाई दे रही हैं कि जल्दी अंतिम संस्कार करें, उन्हें नहाना भी है। आने के बारे में पूछने पर उसने कहा कि देखती हूं, बताती हूं। उनकी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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वृद्धाश्रम में रह रहे 24 बुुजुर्ग
आनंदाश्रम के संचालक आनंद कुमार ने बताया कि वे लंबे समय से वृद्धाश्रम चला रहे हैं। उनके आश्रम में कुल 27 बजुर्ग रह रहे थे। इनमें से दो बुुजुर्ग थोड़े दिन में आने की सूचना देकर गए हैं। कारोबारी शिवचरण गुप्ता का निधन होने से अब आश्रम में 24 बुजुर्ग बचे हैं। इनमें से अधिकतर बुजुर्ग ऐसे हैं जिनके बच्चों ने उन्हें छोड़ दिया है। आनंद कुमार ने बताया कि सरकारी मदद से वे आश्रम चला रहे हैं।
कर्ज लेकर अपना काम चला रहे
सरकार की ओर से हर वर्ष आश्रम को बुजुर्गों के खाने, रहने व आश्रम के किराये के रूप में करीब 15 लाख रुपये दिए जाते हैं, इस साल की सरकारी मदद अब तक नहीं मिली है। उन्होंने अपनी पैतृक जमीन पर किसान क्रेडिट के जरिये कर्ज लेकर अपना काम चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर साल सात-आठ बार अधिकारियों की ओर से औचक निरीक्षण किया जाता है। इसमें बुजुर्गाों की संख्या की जांच व सत्यापन किया जाता है।