सोनीपत में झमाझम वर्षा कहीं राहत कहीं आफत; शहर और हाईवे पर जलभराव, किसानों की बल्ले-बल्ले
सोनीपत में लगातार तीसरे दिन भारी वर्षा से शहर और हाईवे पर जलभराव हो गया, जिससे वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी हुई। ...और पढ़ें

सोनीपत में भरा अंडरपास
HighLights
सोनीपत में लगातार तीसरे दिन हुई भारी वर्षा।
शहर और हाईवे पर जलभराव से बढ़ी परेशानी।
उमस से राहत मिली, किसानों को भी लाभ।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। जिले में लगातार तीसरे दिन भी मौसम परिवर्तनशील बना रहा। सुबह से रुक-रुककर कहीं तेज तो कहीं मध्यम वर्षा होती रही। 24 घंटे के दौरान जिले में औसतन 25 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिससे हाईवे से लेकर शहर की सड़कें जलमग्न रही।
सड़कों व गलियों में हुए जलभराव के कारण वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानियां झेलनी पड़ी। मौसम विशेषज्ञ का अनुमान है कि एनसीआर में 12 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे मध्यम से तेज वर्षा के आसार बने रहेंगे।
जिले में अब तक मानसून काफी कमजोर साबित हो रहा था। जुलाई में सामान्य से 45 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। हालांकि अगस्त की शुरुआत मौसम के मिजाज में बदलाव लेकर आई है।
सारंग रोड अंडरब्रिज से ले
कर सभी मुख्य चौराहों पर हुआ जलभराव
शुक्रवार को सुबह से हो रही झमाझम वर्षा से शहर में जलभराव की स्थिति बनी रही। शनि मंदिर अंडरपास में कई फुट तक पानी भरने से शहर दो हिस्सों में बंटा रहा।
सारंग रोड अंडरब्रिज, गोहाना रोड ओवरब्रिज, गीता भवन चौक, मामा भांजा चौक, ककरोई चौक, गीता भवन चौक, बस अड्डा के पास, कच्चे क्वार्टर मार्केट सहित मुख्य चौक-चौराहों पर जलभराव देखने को मिला।
मुख्य चौक-चौराहों पर जलभराव के कारण जाम जैसी स्थिति भी बनी रही, जिससे निपटने के लिए यातायात पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

दिनभर से हो रही वर्षा के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 28.3 और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं झमाझम वर्षा ने किसानों को भी बड़ी राहत दी है।
कहां कितनी हुई वर्षा
| ब्लॉक | वर्षा (एमएम में) |
|---|---|
| सोनीपत | 34 |
| गोहाना | 23 |
| गन्नौर | 25 |
| खरखौदा | 14 |
| राई | 24 |
| खानपुर कलां | 30 |
वर्षा ने गर्मी से दिलाई राहत, जलभराव ने बढ़ाई आफत
खरखौदा : सुबह से आसमान में छाए बादलों ने पहले फुहारों से शुरुआत की, बाद में रह-रह कर कई बार हुई वर्षा ने उमस से राहत देने का काम किया। क्षेत्र के किसान जो अब तक सूखे की मार झेल रहे थे, उन्होंने भी वर्षा से काफी राहत पाई है। वहीं दूसरी तरफ खरखौदा में हुई इस वर्षा से जलभराव भी देखने को मिला। शहर के एंट्री प्वाइंटों पर पानी भर जाने के साथ ही शहर के अंदर भी सड़कों व निचले इलाकों में पानी भरा हुआ दिखाई दिया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित रहा। वहीं वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
तेज वर्षा के बाद जगह-जगह भरा पानी
राई : दिन भर हुई वर्षा से गलियां-सड़कें सब पानी में डूब गए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंडली, राई व बहालगढ में सर्विस रोड पर जगह-जगह जलभराव से वाहनों की गति पर ब्रेक लगे। हाईवे पर भरे पानी के कारण वाहन धीमी गति से निकलते रहे, जिससे जाम जैसी स्थिति बनी रही। हाईवे पर फ्लाइओवरों के आसपास और अंडरपासों में जलभराव रहा। जाटी कला सहित दर्जन भर गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर कई घंटे जलभराव रहा, जिससे आने-जाने वालों को परेशानियां झेलनी पड़ी।
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हथनीकुंड बैराज से हर घंटे छोड़ा जा रहा 40 हजार क्यूसेक पानी
राई : यमुना में जल प्रवाह की सतत निगरानी जारी है। दहिसरा स्थित जीरो प्वाइंट से थोड़ी दूर स्थित दिल्ली सरकार के बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत पल्ला चेक पोस्ट पर तैनात कर्मचारियों के मुताबिक फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति की कोई संभावना नहीं है। यहां दर्ज आंकड़ों के मुताबिक देर रात से हथनीकुंड बैराज से नदी में हर घंटे औसतन 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जल का फैलाव नदी की मुख्य धारा तक ही सीमित है।
कर सभी मुख्य चौराहों पर हुआ जलभराव