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    सोनीपत में जंतर-मंतर लाठीचार्ज के खिलाफ विपक्ष और संगठनों का जोरदार प्रदर्शन

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 06:48 PM (IST)

    विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने सोनीपत में जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस् ...और पढ़ें

    प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

    प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

    HighLights

    1. जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में सोनीपत में प्रदर्शन।

    2. पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा।

    3. कांग्रेस, किसान मोर्चा, बार एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपा।

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध विपक्ष और संगठनों ने प्रदर्शन किया। शहर में कांग्रेस, संयुक्त किसान मोर्चा, जिला बार एसोसिएशन और कई सामाजिक संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    जिला पार्षद संजय बड़वासनिया,कांग्रेस के खरखौदा हलका युवा अध्यक्ष अंकित दहिया और सत्यवीर निर्माण को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का मुद्दा भी गरमाया। विभिन्न संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है।

    लघु सचिवालय स्थित धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान और ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने किया।

    प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कमल दिवान ने कहा कि परीक्षा प्रणाली लगातार विवादों में घिरी हुई है, भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हैं और सरकार युवाओं की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है।

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए। इस मौके पर ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया ने कहा कि युवा रोजगार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और समय पर भर्ती की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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    संयुक्त किसान मोर्चा ने फूंके मोदी और ट्रंप के पुतले

    वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा की अखिल भारतीय कमेटी के आह्वान पर भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में भी में प्रदर्शन हुआ। छोटूराम धर्मशाला में सभा के बाद किसान संगठनों ने जुलूस निकाला और पुलिस लाइन के पास पुतले फूंके। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी ने की, जबकि संचालन कामरेड ईश्वर सिंह राठी ने किया।

    वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यापार समझौते से देश के किसानों, विशेषकर अनाज, दलहन और डेरी उत्पादकों को भारी नुकसान होगा। किसान नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का भी समर्थन किया। किसान नेताओं ने कहा कि पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती में अनियमितताओं के खिलाफ युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार पुलिस बल के जरिए उसे दबाने का प्रयास कर रही है।

    बार एसोसिएशन भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरी

    जिला बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल प्रधान कमल हुड्डा के नेतृत्व में जंतर-मंतर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंप पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

    बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि छात्रों को कानूनी सहायता की आवश्यकता हुई तो संगठन हरसंभव विधिक और नैतिक सहयोग देगा। कमल हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और यदि किसी स्तर पर अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।