सोनीपत समाधान शिविर : आरटीई के तहत दाखिले से इनकार करने वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज
सोनीपत में सीटीएम सिमरन की अध्यक्षता में समाधान शिविर आयोजित हुआ, जहां शिक्षा के अधिकार के उल्लंघन और अवैध खनन जैसे गंभीर मामलों पर तुरंत कार्रवाई के ...और पढ़ें

सोनीपत जिला प्रशासन की हुई बैठक। जागरण
HighLights
सीटीएम सिमरन ने समाधान शिविर की अध्यक्षता की।
आरटीई उल्लंघन और अवैध खनन पर कार्रवाई के निर्देश।
अधिकारियों को धरातल पर समस्या समाधान का आदेश।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को उस समय प्रशासनिक संवेदनशीलता और सख्ती का मिला-जुला रूप देखने को मिला, जब सीटीएम सिमरन की अध्यक्षता में समाधान शिविर का आयोजन हुआ।
शिविर का उद्देश्य आमजन और सरकार के बीच की दूरी को खत्म करना रहा। सीटीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि अधिकारी अपनी फाइलों से बाहर निकलकर धरातल पर समस्याओं का निपटारा करें, ताकि किसी भी नागरिक को अपने जायज काम के लिए सचिवालय की सीढ़ियां न घिसनी पड़ें।
शिविर के दौरान कुल छह शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के उल्लंघन और अवैध खनन जैसे गंभीर मामले चर्चा का केंद्र रहे।
स्कूल अलॉट होने के बाद भी स्कूल प्रशासन ने नहीं दिया दाखिला
झुंडपुर निवासी पोमन ने गुहार लगाई कि उसके पुत्र वंशदीप को गोल्डन हैरियर स्कूल अलाट होने के बावजूद स्कूल प्रशासन दाखिला नहीं दे रहा है। सीटीएम ने इसे शिक्षा के अधिकार का हनन मानते हुए शिक्षा विभाग को तुरंत नियमानुसार दाखिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
भदाना निवासी सत्यवान ने गांव की उपजाऊ सामलात भूमि पर हो रहे अवैध खनन की शिकायत की। इस पर सीटीएम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके का मुआयना कर अवैध गतिविधियों को तुरंत बंद कराने को कहा।
हुल्लाहेड़ी निवासी सोमबीर ने गलियों के साथ नालियां बनवाने की मांग रखी, ताकि जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। इस दौरान एसीपी राजपाल सिंह, डीआरओ सुशील शर्मा, तहसीलदार कीर्ति और डीएसओ मनोज कुमार सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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विभागाध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य, जवाबदेही तय
सीटीएम सिमरन ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को हिदायत दी कि वे समाधान शिविरों में स्वयं उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर का अर्थ ही यही है कि शिकायतकर्ता को एक ही छत के नीचे सभी अधिकारी मिलें। यदि अधिकारी मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करेंगे तो जनता का प्रशासन पर विश्वास और गहरा होगा।