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    यमुनानगर में कंपनी की सब ब्रांच खुलवाने के नाम पर लाखों की ठगी, श्री लाइफ टेक्नोलॉजी की निदेशक गिरफ्तार

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 02:14 PM (IST)

    यमुनानगर में श्री लाइफ टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड की सब ब्रांच खुलवाने के नाम पर ठगी के मामले में कंपनी की निदेशक गीता रानी को गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

    यमुनानगर में कंपनी की सब ब्रांच खुलवाने के नाम पर लाखों की ठगी (प्रतीकात्मक फोटो)

    यमुनानगर में कंपनी की सब ब्रांच खुलवाने के नाम पर लाखों की ठगी (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. श्री लाइफ टेक्नोलाजी की निदेशक गीता रानी गिरफ्तार।

    2. सब ब्रांच खुलवाने के नाम पर लाखों की ठगी।

    3. दिए गए चेक बाउंस, पुलिस ने की कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। श्री लाइफ टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की सब ब्रांच खुलवाने का झांसा देकर ठगी के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपित राजस्थान के जयपुर के मांडाभीम सिंह निवासी गीता रानी इस कंपनी की डायरेक्टर थी।

    शहर यमुनानगर थाना में 28 जनवरी को मामला दर्ज हुआ। जांच अधिकारी पीएसआइ खुशबीर सिंह ने बताया कि आरोपित गीता रानी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। गीता व उसके परिवार के सूरज कुमावत, राकेश कुमावत, मनोज कुमार कुमावत, माया, मंजू इस केस में आरोपित हैं।

    इन पर अन्य जगहों पर भी ठगी के मामले दर्ज हैं। एक आरोपित सूरज कुमावत को महाराष्ट्र पुलिस गिरफ्तार भी कर चुकी है। सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 18 नवंबर 2023 को उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया।

    जब उसने मैसेज पर क्लिक किया तो उसकी बात माया व मंजू के साथ हुई। आरोपियों ने उसे पैसा कमाने का सपना दिखाया। इसके बाद उसने उसकी बात सूरजमल कुमावत, राकेश कुमावत व मनोज कुमार कुमावत के साथ करवाई।

    आरोपितों ने उसे बताया था कि उनकी श्री लाइफ टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड कंपनी है जो सेविंग अकाउंट तथा आरडी एफडी करते हैं। यदि वह उनके साथ काम करता है तो उसे मोटा लाभ व उपहार में लग्जरी कारें दी जाएगी।

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    आरोपितों ने उसे हरियाणा में सब ब्रांच खुलवाने की बात कही। आरोपितों ने ब्रांच देने के नाम पर उसे 37 हजार 800 रुपये अकाउंट में जमा करा लिए। आरोपितों ने उसे अल्ट्रा व्यू के नाम से एक साफ्टवेयर डाउनलोड करवाया और उसे इस बारे में ट्रेनिंग दी।

    आरोपितों ने उसे ईमेल के जरिए ब्रांच देते हुए आइडी व पासवर्ड दिया। आरोपितों ने उसे लोगों के खाते खोलना की बात कही। उसने अपने जानकारों के चार सेविंग अकाउंट खोलें। जिसमें दो लाख रुपये का लेनदेन हुआ। उसके एक खाताधारक ने जमीन का इकरारनामा कराया।

    उसने खरीददार से 55 लाख रुपये की आरटीजीएस उसके सेविंग अकाउंट में डलवा दी। इसके बाद उसे सब ब्रांच के खर्चे के लिए रुपयों की जरूरत पड़ी। जब वह साफ्टवेयर पर जाकर रुपये निकालने लगा तो वहां से रुपये नहीं निकले। उसने इस बारे आरोपितों से बात की मगर आरोपित सर्वर एरर की बात करते रहे।

    आरोपितों से मिलने के लिए उनके कार्यालय में गया। रुपये वापस मांगें तो आरोपितों ने साढ़े 14 लाख रुपये लौटा दिए मगर 41 लाख 98 हजार रुपए नहीं लौटाए। आरोपितों ने इस रकम के उसे चार चेक दिए। जब उसने वह चेक अकाउंट में लगाए तो वह बाउंस हो गए थे।