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    यमुनानगर में बादलों ने रोकी गर्मी की रफ्तार, वर्षा से मिलेगी राहत; धान रोपाई के लिए अनुकूल मौसम

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 07:00 AM (IST)

    यमुनानगर में मौसम का मिजाज बदला, बादल छाए और तापमान गिरा। अगले दो दिन हल्की बारिश की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी और धान रोपाई को फायदा होगा ...और पढ़ें

    यमुनानगर में बादलों ने थामी गर्मी की रफ्तार, आज-कल वर्षा के आसार।

    यमुनानगर में बादलों ने थामी गर्मी की रफ्तार, आज-कल वर्षा के आसार।

    HighLights

    1. यमुनानगर में मौसम बदला, तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    2. अगले दो दिन हल्की बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी।

    3. धान रोपाई के लिए यह मौसम काफी अनुकूल बताया गया।

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। जिले में सोमवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में धूप निकलने के बावजूद तेज तपिश महसूस नहीं हुई। हालांकि हवा में नमी बढ़ने से उमस ने लोगों को परेशान किया। दिन का अधिकतम तापमान रविवार की तुलना में एक डिग्री गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं दस से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली ठंडी हवाओं ने गर्मी से काफी हद तक राहत दिलाई।

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इससे अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बुधवार भी वर्षा के आसार बने हुए हैं और तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है। यानी दो दिन लोगों को तेज धूप व लू से राहत मिलने की संभावना है, हालांकि उमस बनी रह सकती है।

    सीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान उमस बढ़ने से शरीर से अधिक पसीना निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान व वायरल का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पर्याप्त पानी पीना, हल्का व ताजा भोजन करना और धूप निकलने पर अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचना चाहिए।

    बच्चों, बुजुर्गों व पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    हल्की वर्षा धान रोपाई के लिए अनुकूल

    इन दिनों जिले में धान की रोपाई का कार्य तेज गति से चल रहा है। कृषि विशेषज्ञ एपीपीओ सतीश कुमार का कहना है कि बादल व हल्की वर्षा का मौसम धान की रोपाई के लिए अनुकूल माना जाता है। इससे खेतों में नमी बनी रहती है, सिंचाई की जरूरत कम होती है और नई पौध को जमने में मदद मिलती है।

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    यदि लगातार भारी बारिश होती है तो खेतों में जलजमाव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा, ताकि पौध को नुकसान न पहुंचे। किसानों को खेतों की निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने व मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।