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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: अवैध खनन का सिंडिकेट चला रहा दिलबाग, फर्जी ई-रवाना के आठ केस दर्ज; ED का कोर्ट में दावा

    By Jagran News Edited By: Paras Pandey
    Updated: Thu, 11 Jan 2024 12:19 PM (GMT+05:30)

    गत वीरवार से रविवार तक ईडी ने दिलबाग सिंह उनके पार्टनरों सहित अन्य खनन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। फ ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह व करीबी खनन कारोबारी कुलविंद्र सिंह को मंगलवार को गुरुग्राम की विशेष अदालत में पेश किया। पूछताछ के लिए 14 दिनों का रिमांड मांगा। अदालत ने दोनों का सात दिन का रिमांड स्वीकार कर लिया।

    ईडी की ओर से कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में बताया गया कि दिलबाग सिंह को फर्जी ई-रवाना के जरिए अवैध खनन और मनी लांड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया गया है। जिले के प्रतापनगर व बिलासपुर थानों में फर्जी ई रवाना के जरिए अवैध खनन के आठ मामले दर्ज हैं। इन सभी का संबंध दिलबाग सिंह के सिंडिकेट से जुड़ रहा है।

    गत गुरूवार से रविवार तक ईडी ने पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, उनके पार्टनरों सहित अन्य खनन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। रविवार को उसे व कुलविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट में ईडी ने यह भी बताया है कि जांच के दौरान दिलबाग सिंह ने कोई सहयोग नहीं किया। दिलबाग सिंह ने टीम को गुमराह करने का प्रयास किया।

    फर्जी ई-रवाना के दर्ज हुए थे आठ केस

    बिलासपुर थाने में 16 फरवरी 2023 व 23 मार्च 2023 को फर्जी ई रवाना के जरिए खनन सामग्री की बिक्री व खरीद के केस दर्ज हुए थे। प्रतापनगर थाने में वर्ष 2022 व वर्ष 2023 में छह केस दर्ज हुए थे। इन सभी में फर्जी ई रवाना के जरिए अवैध खनन का केस दर्ज हुआ था।

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    इनमें उन प्लांटों के फर्जी ई रवाना जारी किए गए जो बंद पड़े थे। इतने बड़े पैमाने पर फर्जी ई रवाना के जरिए अवैध खनन का मामले सामने आने के बाद ही ईडी तक मामला पहुंचा। जांच हुई तो सामने आया कि यह पूरा मामला मनी लांड्रिंग का है। कई केसों में चरखी चादरी सहित उन जिलों से खनन सामग्री की खरीद दिखाई गई यहां पर खनन की साइट नहीं है।

    बंद कंपनी के लेनदेन और गाड़ी की जांच करेगी ईडी

    ईडी ने कोर्ट को बताया कि दिलबाग सिंह मांझा ग्रुप के नाम से अवैध माइनिंग का सिंडिकेट यमुनानगर व आसपास के जिलों में चला रहा है। इस सिंडिकेट का कार्यालय सेक्टर 15 स्थित हाउस नंबर 62 में पीएस बिल्डटेक के नाम से है। इस कार्यालय से छापेमारी के दौरान बहुत सी फर्मा के ई-रवाना बिल व चेक बुक मिली हैं। यह सभी इस सिंडिकेट का पार्ट है।

    छापे के दौरान मुबारिकपुर रायल्टी कंपनी रामगढ़ रोड मोहाली पंजाब को नकदी देने के दस्तावेज मिले थे, जबकि 14 अक्टूबर 2022 को प्रताप नगर थाना में दर्ज केस में मुबारिकपुर रायल्टी कंपनी व पीएस बिल्डटेक ने गुरु यूनिट प्लांट से खरीद दिखाई है, जबकि यह प्लांट एक वर्ष पहले ही बंद हो गया था। इससे संबंधित लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ।

    ई-रवाना का क्या है मतलब?

    ई-रवाना साफ्टवेयर से साइट पर ही पूरी डिटेल के साथ बिल ऑनलाइन जरनेट करना होता है। जिसमें वाहन से लेकर, खनन सामग्री तक की पूरी जानकारी होती है। जैसे स्टोन क्रशर पर रा मैटेरियल कितना है। कितना लोड लेकर गाड़ी प्लांट से निकली।

    यह डाटा आनलाइन होता है। ऑनलाइन ही पता चल जाता है कि किस नंबर का वाहन चला है। आनलाइन बिल जनरेट होते ही खनन अधिकारियों तक इसकी सूचना पहुंच जाती है।

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