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    यमुनानगर के जगाधरी के स्कूल में मारपीट करने वाले नाबालिग को मिली 'सेवा' की सजा, अस्पताल में पिलाना होगा मरीजों को पानी

    Updated: Tue, 17 Mar 2026 08:11 AM (IST)

    जगाधरी में स्कूल में छात्र से मारपीट करने वाले नाबालिग को किशोर न्याय परिषद ने अनोखी सजा सुनाई है। उसे तीन महीने तक जगाधरी सिविल अस्पताल में मरीजों और ...और पढ़ें

    जगाधरी में स्कूल में छात्र से मारपीट करने वाले नाबालिग को किशोर न्याय परिषद ने अनोखी सजा सुनाई (AI Generated फोटो)

    जगाधरी में स्कूल में छात्र से मारपीट करने वाले नाबालिग को किशोर न्याय परिषद ने अनोखी सजा सुनाई (AI Generated फोटो)

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    जागरण संवाददाता, जगाधरी। स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल के कमरे में छात्र के साथ मारपीट करने वाले नाबालिग छात्र को तीन महीने तक जगाधरी सिविल अस्पताल में मरीजों और लोगों को पानी पिलाना होगा। यह फैसला किशोर न्याय परिषद (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) की जज डा. करुणा शर्मा ने सुनाया है। बोर्ड की ओर से आदेश की कापी सिविल अस्पताल के इंचार्ज को भेज दी है। उन्हें नाबालिग के पानी पिलाने की कार्यशैली भी देखनी होगी और उसकी रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को देनी होगी।

    बोर्ड ने यह फैसला कम्युनिटी सर्विस के तहत सुनाया है। नाबालिग को सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक सिविल अस्पताल में पानी पिलाना होगा। नाबालिग की ओर से छुट्टी करने पर सूचना भी बोर्ड को देनी अनिवार्य होगी। केस की सुनवाई के दौरान दोषी ने रहम की अपील भी की, लेकिन कोर्ट ने इसे नकारते हुए कहा कि नाबालिग का अपराध माफी के लायक नहीं है। इस पर रहम नहीं किया जा सकता।

    2021 में भी एक दोषी ने चार महीने तक पिलाया था पानी यमुनानगर में दो साल बड़ी युवती से छेड़छाड़ के एक अन्य मामले में किशोर न्याय परिषद (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) ने अनोखी सजा सुनाई थी। वर्ष 2021 में बोर्ड की जज डा. मोहिनी की अदालत ने 16 वर्षीय किशोर को चार महीने तक सिविल अस्पताल में मरीजों और लोगों को पानी पिलाने की कम्यूनिटी सर्विस की सजा दी थी।

    वर्ष 2019 में यमुनानगर थाना क्षेत्र की कॉलोनी निवासी युवती ने शिकायत दी थी कि पड़ोस के किशोर ने छेड़छाड़ की नीयत से उसका हाथ पकड़ा था। पुलिस ने 13 जुलाई 2019 को किशोर के खिलाफ केस दर्ज किया था। 12 जुलाई को गली में दोनों पक्षों में लड़ाई हुई थी। वह घर के दरवाजे पर खड़ी थी।

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    इसी दौरान किशोर वहां पर आया और उसने उसका हाथ पकड़ लिया था। सुनवाई के बाद बोर्ड ने किशोर को दोषी मानते हुए उसे रोजाना सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक सिविल अस्पताल में सेवा करने का आदेश दिया था। इस मामले में अस्पताल प्रशासन को उसकी कार्यप्रणाली की रिपोर्ट बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए थे।

    अपराधी को सुधारना ही समाज सेवा की सजा का उद्देश्य जिला न्यायवादी धर्मचंद ने कहा कि कम्युनिटी सर्विस की सजा का मुख्य उद्देश्य अपराधी का सुधार और पुनर्वास करना होता है। सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार सजा में दोषी व्यक्ति को जेल भेजने के स्थान पर समाज के हित में कार्य करने का अवसर दिया जाता है।

    इसके अंतर्गत दोषी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थानों की सफाई, सामाजिक संस्थाओं में सहयोग, पौधारोपण, अस्पतालों या अन्य सामुदायिक कार्यों में भाग लेने जैसे कार्य सौंपे जा सकते हैं।

    इस प्रक्रिया के दौरान दोषी व्यक्ति को यह महसूस कराया जाता है कि उसने जो अपराध किया है। समाज की सेवा करते हुए उसके मन में जिम्मेदारी और नैतिकता की भावना विकसित होती है। इससे वह अपने व्यवहार में सुधार लाने के लिए प्रेरित होता है और भविष्य में अपराध से दूर रहने का संकल्प लेता है। इसलिए कम्युनिटी सर्विस की सजा को सुधारात्मक न्याय की महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।

    यह था पूरा मामला जगाधरी शहर थाना पुलिस ने 20 अगस्त 2024 को राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में प्रिंसिपल ने कहा था कि 20 अगस्त को वह अपने कार्यालय में था। इस दौरान बाहर से मारपीट करने की आवाजें आईं।

    एक विद्यार्थी हड़बड़ाता हुआ उनके कार्यालय में घुस आया। उसके पीछे चार-पांच लड़के थे। जिनके हाथों में हथियार थे। वे भी कार्यालय में घुस गए थे। शिकायकर्ता के मुताबिक, हमलावर बाइक पर आए थे। छात्र के साथ मारपीट कर फरार हो गए थे। तभी से मामला विचाराधीन था।