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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana: सड़क दुर्घटना में यमुनानगर जिला सबसे आगे, आईरेड एजेंसी ने पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े; चिह्नित किए हादसों वाले क्षेत्र

    By Avneesh kumar Edited By: Deepak Saxena
    Updated: Fri, 08 Dec 2023 07:16 PM (IST)

    यमुनानगर में सड़क दुर्घटना का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। आईरेड के आंकड़ों पर अगर नजर डाले तो इस साल सबसे अधिक दुर्घटना यमुनानगर थाना क्षेत्र में हुई है। ...और पढ़ें

    सड़क दुर्घटना में यमुनानगर जिला सबसे आगे, आईरेड एजेंसी ने पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े।
    सड़क दुर्घटना में यमुनानगर जिला सबसे आगे, आईरेड एजेंसी ने पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े।

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। जिले में सड़क दुर्घटना का आंकड़ा बढ़ रहा है। कही पर सड़क सुरक्षा में खामी है तो कही पर गति दुर्घटना का कारण बन रही है। आईरेड (इंटीग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटा) एजेंसी जिले में सड़क दुर्घटना का डाटा एकत्र करती है। इस रिकॉर्ड के अनुसार, इस वर्ष में सबसे अधिक दुर्घटना शहर यमुनानगर थाना क्षेत्र के एरिया में हुई है। आईरेड ने शहर के बीच से निकल रहे पुराना नेशनल हाईवे पर गाबा अस्पताल से विश्वकर्मा चौक तक के एरिया को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताया है।

    यह रिपोर्ट तैयार कर जिला परिवहन विभाग को दी गई है। जिससे कारणों का पता किया जा सके और वहां पर इंतजाम कर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके, क्योंकि पुलिस विभाग की ओर से दर्ज एफआईआर में अधिकतर दुर्घटना में गति व लापरवाही ही कारण बताया जाता है। जबकि अधिकतर जगहों पर सड़क सुरक्षा की खामी बड़ा कारण है।

    आईरेड एजेंसी की ओर से दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र का आकलन भी लोकेशन से किया जाता है। जैसे ही जांच अधिकारी एप पर लोकेशन डालता है तो वह रिकॉर्ड आ जाता है। इसमें जांच अधिकारी को मृतक का नाम, वाहन से लेकर पूरी जानकारी भरनी होती है। जिससे यह डाटा तैयार होता है। इसमें आइरेड दो किमी वर्ग के आधार पर चिह्निकरण करता है। इसमें यह देखा जाता है कि इस एरिया में कितनी दुर्घटना हुई है।

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    इसके आधार पर दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र तय होता है। यह रिपोर्ट जिला परिवहन कार्यालय को दी जाती है। जिससे सड़क सुरक्षा कमेटी की टीम इस क्षेत्र में दुर्घटना के कारणों को तलाश सके। यदि कही पर बर्म की दिक्कत है तो उसे दूर किया जा सके। कही पर पेड़ों की ट्रिमिंग नहीं हुई है तो उसे कराया जा सके। इसी तरह से यदि कही पर ब्लाइंड मोड है और संकेतक नहीं लगा है तो वह व्यवस्था की जा सके।

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    आइरेड ने यह चिह्नित किए दुर्घटना संभावित क्षेत्र

    प्वाइंट दुर्घटना मौत
    गांधीनगर थाना से विश्वकर्मा चौक 27 11
    गाबा अस्पताल से गांधीनगर थाना 16 7
    छप्पर चौक से सरस्वतीनगर 15 8
    पुलिस लाइन से सेक्टर 18 13 4
    संत थामस स्कूल से मारूति शोरूम 12 7
    मधु चौक से सेक्टर 17 10 2
    समता योग आश्रम से बूड़िया चौक 9 5
    प्यारा चौक से खालसा कालेज 12 2
    होटल सफायर से सरस्वती विद्या मंदिर 9 1
    गोलनपुुर से औरंगाबाद नेशनल हाईवे 9 4

    सबसे अधिक थाना शहर व छप्पर में दुर्घटना

    आईरेड एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2023 से अब तक जिले में 904 दुर्घटना हुई। जिसमें 204 मौत हुई है। सबसे अधिक दुर्घटना थाना शहर यमुनानगर एरिया में 118 हुई हैं। जिसमें 24 मौत हुई हैं। 40 गंभीर घायल हुए हैं। 54 को मामूली घायल हुए हैं। अधिकतर दुर्घटनाएं कन्हैया साहिब चौक से विश्वकर्मा चौक के एरिया में हुई है। इसकी वजह यह है कि यहां सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। सड़क क्रॉस करने के चक्कर में लोग कही से भी निकलते हैं। चांदपुर बाइपास पुल के पास ग्रिल के ऊपर से लोग निकलते हैं। थाना छप्पर एरिया में 101 दुर्घटना हुई है। इस एरिया में अधिकतर दुर्घटनाएं नेशनल हाईवे पर हुई।

    आईरेड के जिला मैनेजर जतिंद्र भल्ला का कहना है कि एप खुद से लोकेशन उठाता है। जिसके आधार पर दुर्घटना का आंकड़ा तैयार किया जाता है, जिस एरिया में अधिक दुर्घटना हो रही है। उसकी भी रिपोर्ट तैयार होती है। अभी दस ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं। जहां पर दुर्घटना सबसे अधिक हो रही है। वह भविष्य में ब्लैक स्पाट बन सकते हैं। इन जगहों पर कमी को तलाशकर संबंधित विभाग को ही दूर करना होगा।

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