हिमाचल-पंजाब सीमा पर बवाल: किसानों ने फ्री कर दिया टोल प्लाजा, ट्रेड डील और लैंड पूलिंग के खिलाफ हल्ला बोल
हिमाचल-पंजाब सीमा पर किसानों ने गरामोड़ा टोल प्लाजा को तीन घंटे के लिए फ्री कर दिया। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और पंजाब की लैंड पूलिंग नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया।

हिमाचल-पंजाब सीमा पर गरामोड़ा में प्रदर्शन करते किसान। जागरण
HighLights
किसानों ने गरामोड़ा टोल प्लाजा को तीन घंटे फ्री किया।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील, पंजाब लैंड पूलिंग नीति का विरोध।
मांगें न मानी तो दिल्ली कूच की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित नेशनल हाईवे के गरामोड़ा टोल प्लाजा पर बुधवार को किसान संगठनों का उग्र तेवर देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के देशव्यापी आह्वान पर एकजुट हुए दर्जनों किसान संगठनों ने टोल प्लाजा को फ्री कर दिया। लगातार तीन घंटे तक पूरी तरह टोल-फ्री रखकर केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार हल्ला बोला।
प्रदर्शन के दौरान टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को बिना कोई शुल्क चुकाए रवाना किया गया। किसानों ने सुबह 11 से दो बजे तक टोल पर हंगामा किया। किसानों ने 26 जुलाई को दोबारा प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील से कृषि को भारी नुकसान का आरोप
टोल प्लाजा पर धरने को संबोधित करते हुए विभिन्न किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। किसान नेताओं ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ट्रेड समझौते से पंजाब और देश की कृषि व्यवस्था को गहरा झटका लगेगा। आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार किसानों को अंधकार में रखकर और उनसे बिना किसी विचार-विमर्श के ऐसे समझौते थोप रही है, जो सीधे तौर पर देशी किसानों की कमर तोड़ देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समझौते पर तत्काल पुनर्विचार नहीं किया गया तो किसान शांत नहीं बैठेंगे।
पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति पर भी बोला हमला
केंद्र के साथ-साथ किसानों के निशाने पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार भी रही। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार द्वारा लाई गई 'लैंड पूलिंग नीति' का कड़ा विरोध करते हुए इसे किसानों की उपजाऊ जमीन हड़पने की साजिश करार दिया। नेताओं का कहना था कि यह नीति किसानों के अस्तित्व और उनके बुनियादी अधिकारों के लिए बड़ा खतरा है। किसान संगठनों ने राज्य सरकार से इस विवादित नीति को अविलंब वापस लेने की पुरजोर मांग की।
मांगें न मानीं तो फिर करेंगे दिल्ली कूच
धरने के दौरान माहौल उस समय और गर्मा गया जब नेताओं ने सीधे तौर पर दिल्ली आंदोलन
की याद दिलाई। किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि "यह 3 घंटे का टोल-फ्री प्रदर्शन तो महज एक चेतावनी है। यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने किसानों की जायज मांगों को नजरअंदाज करने की भूल की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। जिस तरह ऐतिहासिक दिल्ली आंदोलन के आगे केंद्र सरकार को झुकना पड़ा था, उसी तर्ज पर पंजाब का किसान एक बार फिर दिल्ली की सीमाओं की ओर कूच करने से पीछे नहीं हटेगा।"
शांतिपूर्ण संपन्न हुआ प्रदर्शन, यातायात बहाल
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद नजर आया। हालांकि, किसानों का यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। निर्धारित तीन घंटे की समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसान संगठनों ने अपना धरना समाप्त किया, जिसके बाद टोल प्लाजा पर पुनः टोल वसूली और सामान्य यातायात सुचारू रूप से शुरू करवा दिया गया।
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