हिमाचल पंचायत चुनाव को लेकर BJP ने जारी की गाइडलाइन, कार्यकर्ताओं को दावेदारी जताने की पोस्ट हटाने का निर्देश
हिमाचल पंचायत चुनाव के बिगुल बजते ही भाजपा ने कार्यकर्ताओं के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। रोस्टर जारी होने ...और पढ़ें

हिमाचल पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा ने गाइडलाइन जारी की है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
भाजपा ने पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया दावेदारी पर रोक लगाई।
कार्यकर्ताओं को पुरानी दावेदारी वाली पोस्ट तुरंत हटाने का निर्देश।
नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी, संगठन प्राथमिकता।
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी पारा चढ़ गया है। रोस्टर जारी होने के बाद जहां एक ओर चुनावी शंखनाद हो चुका है, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट मीडिया पर 'भावी उम्मीदवारों' की बाढ़ आ गई है। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रदेश भाजपा ने अनुशासन का चाबुक चलाते हुए अपने कार्यकर्ताओं को इंटरनेट मीडिया पर किसी भी तरह की दावेदारी जताने से सख्त मनाही कर दी है।
सोशल मीडिया पर मची 'चुनावी होड़'
जैसे ही पंचायतों के लिए आरक्षण का रोस्टर सार्वजनिक हुआ, चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी। देखते ही देखते इंटरनेट मीडिया पर दावेदारों की पोस्ट की भरमार हो गई। कार्यकर्ता खुद को पार्टी का चेहरा बताते हुए वोट और समर्थन की अपील करने लगे। इस अनियंत्रित होड़ से संगठन में गुटबाजी और अनुशासनहीनता का खतरा बढ़ गया था, जिसे भांपते हुए भाजपा नेतृत्व ने तुरंत आदेश जारी कर दिए।
दिशानिर्देश: पुरानी पोस्ट भी तुरंत हटाएं
पार्टी की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी कार्यकर्ता इंटरनेट मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत दावेदारी पेश नहीं करेगा। संगठन ने सख्त लहजे में कहा है कि जिन कार्यकर्ताओं ने अपनी दावेदारी से जुड़ी पोस्ट अपडेट कर दी हैं, वे उन्हें तुरंत डिलीट कर दें। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी संकेत दिए गए हैं।
संगठन उतारेगा प्रत्याशी
बिलासपुर भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल का कहना है कि भाजपा एक अनुशासित दल है। पार्टी और संगठन की ओर से जिसे भी चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया जाएगा, उसी का प्रचार विभिन्न माध्यमों से किया जाएगा। उससे पहले किसी भी कार्यकर्ता को अपने स्तर पर दावेदारी जताने का अधिकार नहीं है। अनुशासन बनाए रखने के लिए ही ये आदेश दिए गए हैं।
अनुशासन ही प्राथमिकता
जिलाध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल ने दो टूक शब्दों में कहा कि टिकट का फैसला संगठन की प्रक्रिया के तहत होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि भाजपा कैडर आधारित पार्टी है और यहां व्यक्ति से बड़ा संगठन है। चुनावी मौसम में किसी भी तरह की भीतरी कलह को रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। अब देखना यह होगा कि पार्टी के इस 'डिजिटल हंटर' का कार्यकर्ताओं पर कितना असर होता है।
