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हिमाचल पंचायत चुनाव के लिए सक्रिय हुए राजनीतिक दल, भाजपा ने इन पदों के लिए 3-3 लोगों का पैनल मांगा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 14 Apr 2026 03:50 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। भाजपा ने प्रधान और जिला परिषद के ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. भाजपा ने पंचायत प्रधान, जिला परिषद के लिए पैनल मांगा।

  2. कांग्रेस भी संगठनात्मक स्तर पर चुनाव की तैयारी कर रही है।

  3. दोनों दल महिला प्रत्याशियों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए राजनीतिक दलों में सक्रियता बढ़ गई है। विपक्षी दल भाजपा ने पंचायत प्रधान व जिला परिषद का चुनाव लड़ने के इच्छुक तीन-तीन लोगों का पैनल 23 अप्रैल तक मांगा है। इसके आधार पर पार्टी अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारेगी। जबकि कांग्रेस ने अभी कुछ नहीं किया है। इसी तरह आगामी समय में पंचायत समिति सदस्य के लिए भी पार्टी दावेदारों की सूची को शार्ट लिस्ट करेगी।

प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भी संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके तहत जल्द जिला कार्यकारिणी गठित होगी। पार्टी ने इस समय जिलाध्यक्षों के अलावा राज्य कार्यकारिणी में शामिल टीम के सदस्यों से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की हिदायत दी है। 

महिला प्रत्यशियों पर नजर

पंचायत चुनाव में कांग्रेस व भाजपा की नजर इस समय आधी आबादी यानी महिलाओं पर है। पंचायत चुनाव में आधी सीटें आरक्षित होने के कारण दोनों दल सशक्त महिला प्रत्याशियों की तलाश में हैं। इसी कारण पैनल मांगकर चुनाव लड़ने वालों के नाम की सूची को शार्ट लिस्ट किया जाएगा। 

पंचायत चुनाव के लिए रोस्टर जारी कर दिया गया है। इसके तहत आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग रहेगी। इस तरह रोस्टर के अनुसार जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे।

बूथ स्तर की समितियां सक्रिय होंगी

बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की समितियां शीघ्र सक्रिय होंगी। इस समय भाजपा की कार्यकारिणी का विस्तार बूथ स्तर तक हो चुका है, जिसका लाभ उसे पंचायत चुनाव में मिल सकता है। कांग्रेस अभी भी जिला कार्यकारिणी गठित नहीं कर पाई है, जिसमें देरी होने से पार्टी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 

अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने पर होगी कार्रवाई

भाजपा और कांग्रेस ने यह पहले से तय कर दिया गया है कि यदि कोई पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए जिनको अनुशासन व चुनाव समिति में शामिल किया जाएगा, उनकी इसमें भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

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