यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Landslide: बिलासपुर में खतरे की जद में बच्चे, भूस्खलन से धंसने लगा चांदपुर का खेल मैदान
हिमाचल प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन (Himachal Landslide News) की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इसी क्रम में बिलासपुर के अंतर्गत चांदपुर का खेल मैदान भूस्खलन की ...और पढ़ें

HighLights
- 48 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद सुरक्षित नहीं हुआ स्कूल मैदान व भवन
- 2016 से 2022 तक सुरक्षा दीवार लगाने के लिए किया गया उक्त बजट खर्च
- 24 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट का प्रविधान न होने से अधूरा पड़ा है
संवाद सहयोगी, बिलासपुर। पैसे के अभाव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चांदपुर के खेल मैदान पर खतरे के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं। यदि समय रहते खेल मैदान को बचाने के लिए रिटेनिंग वॉल नहीं लगाई गई तो खेल मैदान का अस्तित्व मिट जाएगा।
इतना ही नहीं खेल मैदान के साथ ही विद्यालय के शौचालयों के ढहने की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग की ओर से इस बारे में कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा। जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगना शुरू हो गए हैं।
लोक निर्माण विभाग को दिए गए 48 लाख रुपए
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चांदपुर का खेल मैदान कुछ समय से भूस्खलन से धंसने लगा था। इस कारण मैदान को बचाने के लिए विभाग ने मैदान के निचले भाग में रिटेनिंग वाल लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग को 48 लाख रुपये दिए।
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लोक निर्माण विभाग ने मैदान को बचाने के लिए साल 2016 से लेकर 2022 तक रिटेनिंग वाल लगाने के लिए दो चरण में 48 लाख रुपये की राशि खर्च की। लेकिन काम पूरा नहीं हुआ।
शिक्षा विभाग को 24 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाकर दिया
जिस पर लोक निर्माण विभाग ने शेष बचे काम को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग को 24 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया, लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से पैसे का प्रविधान न होने के कारण मामला अधर में लटक गया।
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इतना ही नहीं मैदान के दूसरे छोर पर बने शौचालय भी धंसने लग गए हैं। जिससे यहां पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने की आशंका जताई जा रही है। इस पाठशाला का निर्माण 1956 में हुआ था। पाठशाला में मौजूदा समय करीब 370 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
स्कूल प्रबंध समिति की ओर से दोनों समस्याओं के प्रति प्रशासन तथा पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत करवाया गया है। लेकिन अभी तक इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इनके समाधान के लिए शीघ्र ही स्कूल प्रबंध समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलेगा।
-अश्विनी उपमन्यु, प्रधान, स्कूल प्रबंधन समिति, चांदपुर।
चांदपुर पाठशाला की रिटेनिंग दीवार के निर्माण कार्य पर दो चरणों में 2016 से 2022 तक करीब 48 लाख की धनराशि खर्च की गई है।
शेष कार्य को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग को दो वर्ष पहले 24 लाख का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग ने पैसा जारी नहीं किया है। पैसे का प्रविधान होने के बाद विभाग इसका टेंडर जारी कर देगा।
-दुनी चंद ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, डिवीजन-एक बिलासपुर।
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