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    हिमाचल में वाहन फर्जीवाड़ा: बिलासपुर RLA में रजिस्टर्ड दो फार्च्यूनर के मालिकों के नाम पते फर्जी, एक और कर्मी संदिग्ध

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 29 Jan 2026 12:25 PM (GMT+05:30)

    बिलासपुर आरएलए शाखा में वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा सामने आया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच में दो टोयोटा फार्च्यूनर गाड़ियां फर्जी नामों और पतों पर पं ...और पढ़ें

    बिलासपुर में वाहन पंजीकरण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रतीकात्मक फोटो

    बिलासपुर में वाहन पंजीकरण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. बिलासपुर आरएलए में दो फार्च्यूनर गाड़ियों का फर्जी पंजीकरण।

    2. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक कर्मचारी सुभाष को गिरफ्तार किया।

    3. एक अन्य कर्मचारी गौरव फरार, जांच अभी भी जारी।

    संवाद सहयोगी, बिलासपुर। हिमाचल प्रदश के जिला बिलासपुर में एसडीएम कार्यालय की पंजीकरण एंड लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) ब्रांच में वाहन पंजीकरण को लेकर सामने आए फर्जीवाड़े की परतें अब खुलने लगी हैं। दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला है कि यहां रजिस्टर की गई दो टोयोटा फार्च्यूनर गाड़ियों के पंजीकरण रिकॉर्ड में न सिर्फ वाहन नंबर संदिग्ध हैं, बल्कि उनके मालिकों के नाम और पते भी फर्जी पाए गए हैं।

    बिलासपुर आरएलए ब्रांच में दो टोयोटा फार्च्यूनर फर्जी तरीके से रजिस्टर की गई थी। इनमें एक वाहन का नंबर एचपी-24ई-4948 और दूसरे का नंबर एचपी-24ई-3974 है। जांच में पता चला कि वाहन नंबर एचपी-24ई-4948 के लिए दर्ज पता मनोज कुमार, निवासी जुखाला दर्शाया गया है, जबकि दूसरा वाहन एचपी-24ई-3974 के लिए मोहम्मद नदीम साफी, निवासी बामटा सदर तहसील का पता दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब जांच की तो दोनों क्षेत्रों में इन नाम का व्यक्ति ही नहीं मिला।

    दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दी थी दबिश

    बिलासपुर आरएलए ब्रांच में गंभीर अनियमितताओं की आशंका के चलते 21 जनवरी को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम बिलासपुर पहुंची थी। टीम उपायुक्त कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी सुभाष को गिरफ्तार व रिकार्ड जब्त कर उसे दिल्ली ले गई है। 

    सुभाष वर्तमान में उपायुक्त कार्यालय में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था, जबकि इससे पहले वह सदर बिलासपुर आरएलए ब्रांच में डीलिंग हैंड के रूप में तैनात रह चुका है।

    एक और कर्मचारी की संलिप्तता

    इस फर्जीवाड़े में एक अन्य सरकारी कर्मचारी गौरव की संलिप्तता भी मानी जा रही है। गौरव झंडूता आरएलए ब्रांच में कार्यरत है और अभी फरार है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने जब गौरव के घर पर दबिश दी तो वहां उसकी आलीशान कोठी और कई गाड़ियां मिली।

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