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    धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामले में शिक्षा विभाग ने सौंपी जांच रिपोर्ट, प्रोफेसर का होगा नार्को टेस्ट; क्या नहीं हुई रैगिंग?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 29 Jan 2026 11:06 AM (IST)

    धर्मशाला कॉलेज छात्रा की मौत मामले में शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में रैगिंग, जातिसूचक शब्दों या अभद्र टिप्पणियों का कोई साक्ष्य ...और पढ़ें

    धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामले में शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

    धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामले में शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

    HighLights

    1. शिक्षा विभाग की जांच में रैगिंग का साक्ष्य नहीं मिला।

    2. आरोपित सहायक प्राध्यापक का नार्को टेस्ट होगा, अनुमति मिली।

    3. यौन शोषण मामले में अभी पुलिस जांच जारी है।

    जागरण टीम, शिमला/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला कॉलेज की छात्रा रही लड़की की रैगिंग, यौन शोषण और शारीरिक प्रताड़ना से अवसाद में जाने से मौत के मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसमें रैगिंग, जाति सूचक शब्दों के प्रयोग व अभद्र टिप्पणियां करने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। 
    आरोपित शिक्षक की भूमिका भी संदिग्ध नहीं पाई गई है। उन्हें एक तरह से क्लीन चिट मिली है। शिमला में बुधवार को उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डा. अमरजीत शर्मा ने शिक्षा सचिव राकेश कंवर को रिपोर्ट सौंपी।

    शिक्षा निदेशालय की पांच सदस्यीय टीम ने की जांच

    उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने धर्मशाला कॉलेज में शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक स्टाफ से बातचीत की थी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज, रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर, आंतरिक शिकायत तंत्र और पूर्व शिकायतों की भी पड़ताल को रिपोर्ट में शामिल किया है। इनमें शिक्षक की मामले में भूमिका, रैगिंग व जातिसूचक शब्द के उपयोग का कोई साक्ष्य नहीं मिला। 

    रिपोर्ट में क्या है

    रिपोर्ट के अनुसार छात्रा ने 2024 में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। वह कालेज छोड़ चुकी थी। हालांकि यौन शोषण के मामले में अभी जांच जारी है। छात्रा की चिकित्सा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के निष्कर्ष आने के बाद इस मामले की जांच पूरी होगी। आरोपित सहायक आचार्य प्रो. अशोक कुमार फिलहाल निलंबित है। 

    पुलिस, यूजीसी की टीम भी कर रही जांच 

    यूजीसी की टीम व पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। एंटी रैगिंग कमेटी और यौन उत्पीड़न कमेटी की एक साल की बैठकों और प्राप्त शिकायतों से जुड़ी जानकारी भी कालेज प्रशासन से प्राप्त की थी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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    क्या कहते हैं सचिव शिक्षा

    कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसका अभी अध्ययन किया जा रहा है। इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। आरंभिक रिपोर्ट में रैगिंग व जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस भी जांच कर रही है।
    -राकेश कंवर, सचिव शिक्षा।

    आरोपित सहायक प्राध्यापक का होगा नार्को टेस्ट

    मामले में आरोपित सहायक प्राध्यापक का नार्को टेस्ट होगा। पुलिस ने न्यायालय से अनुमति ली है। जुन्गा स्थित स्टेट फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में नार्को टेस्ट होगा। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आकलन के साथ-साथ मोबाइल फोन व डिजिटल रिपोर्ट का अध्ययन किया है। अभी पुलिस के पास फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजे मोबाइल फोन में से कुछ की रिपोर्ट आना शेष है। पुलिस मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अवलोकन व निष्कर्षों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि न्यायालय से आरोपित सहायक प्राध्यापक का नार्को टेस्ट करवाने के लिए अनुमति ली है। मामले की पड़ताल जारी है।

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    यह है मामला 

    धर्मशाला की 19 वर्षीय लड़की की 26 दिसंबर को लुधियाना के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 30 दिसंबर को छात्रा का अंतिम वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें कुछ छात्राओं व सहायक प्राध्यापक पर आरोप लगाए थे। पहली जनवरी को पुलिस ने लड़की के पिता के बयान पर धर्मशाला कालेज की चार छात्राओं के खिलाफ रैगिंग व मारपीट जबकि सहायक प्राध्यापक (भूगोल) पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया। शिक्षा उच्च निदेशालय व यूजीसी ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की, जिन्होंने जांच की। पुलिस ने छात्रा के उपचार के दस्तावेजों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया। बोर्ड की रिपोर्ट भी पुलिस के पास आ गई है। कुछ मोबाइल फोन भी पुलिस ने जांच के लिए लिए और आरएफएसएल को दिए। आरोपित सहायक प्राध्यापक व दो छात्राओं को 13 फरवरी तक अंतरिम जमानत मिली है।