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    CM सुक्खू ने मनरेगा का नाम बदलने पर घेरी केंद्र सरकार, बोले- यह हिमाचल के लिए होगी दुखदायी बात

    By Jagran News Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 17 Dec 2025 12:30 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर मनरेगा का नाम बदलने और इसे कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। बिलासपुर क ...और पढ़ें

    बिलासपुर जिला के घुमारवीं पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू व मंत्री राजेश धर्माणी। जागरण

    बिलासपुर जिला के घुमारवीं पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू व मंत्री राजेश धर्माणी। जागरण

    HighLights

    1. केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप

    2. मनरेगा डॉ. मनमोहन सिंह की दूरगामी सोच का परिणाम

    3. घुमारवीं में खेल परिसर के लिए 15 करोड़ रुपये जारी

    जागरण टीम, घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदलने और इसे कमजोर करने की साजिश रच रही है। घुमारवीं बिलासपुर में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मनरेगा डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की दूरगामी सोच का परिणाम है, जिसने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है।

    हिमाचल के लिए होगी दुखदायी बात

    इसका नाम बदलना या इसे बंद करने की कोशिश करना सीधे तौर पर गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। उन्होंने कहा कि योजना का नाम बदलना कोई व्यवस्था नहीं बल्कि इसमें जनता का हित पहले होना चाहिए। अगर इस योजना को बंद कर दिया जाता है तो यह चीज हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत दुखदायी होगी। अब यह देखने वाली बात है कि केंद्र सरकार इस योजना के लिए नए एक्ट क्या लाई है। 

    खेल परिसर की नींव रखी

    इससे पूर्व सीएम ने घुमारवीं में बहुउद्देशीय खेल परिसर एवं इनडोर स्टेडियम की आधारशिला रखी और पुलिस थाना घुमारवीं के नए भवन का उद्घाटन किया।

    15 करोड़ रुपये की राशि जारी

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार क्षेत्र में 15 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि इन्डोर खेल परिसर निर्माण के लिए जारी की है। इस स्टेडियम के बनने से स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं घरद्वार पर ही उपलब्ध होंगी।

    10 खेल होंगे एक परिसर के नीचे

    खेल परिसर का डिजाइन आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें बास्केटबॉल, हैंडबॉल, वालीबाल, कुश्ती और कबड्डी समेत लगभग 10 प्रमुख खेलों की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी।

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    दो साल में पूरा होगा निर्माण कार्य

    स्टेडियम के निर्माण के लिए समयसीमा भी निर्धारित कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि इसे अगले दो वर्षों के भीतर बनाकर तैयार कर लिया जाए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए बजट की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

     

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