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हिमाचल में आफत की बारिश: चंबा में पहाड़ी से बरसे पत्थर, नीचे काम कर रहे थे 25 लोग; भागकर बचाई जान

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 25 Jul 2026 12:23 PM (IST)Updated: Sat, 25 Jul 2026 12:33 PM (IST)

चंबा में पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से 25 लोग बाल-बाल बचे, जबकि 3 कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो ...और पढ़ें

चंबा में पहाड़ी से गिरता मलबा और भागते लोग।

चंबा में पहाड़ी से गिरता मलबा और भागते लोग।

HighLights

  1. पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भूस्खलन।

  2. चमेरा-3 पावर स्टेशन के पास 25 लोग बचे।

  3. तीन कर्मचारी मामूली रूप से घायल, बड़ा हादसा टला।

संवाद सहयोगी, चंबा। हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश जारी है। भारी बारिश के साथ हो रहा भूस्खलन मुसीबत बन चुका है। चंबा में पहाड़ी से चट्टानें गिरने से 13 लोगों की मौत के बाद एक और हादसा पेश आया है। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ामुख के समीप  अचानक पहाड़ी से भूस्खलन होने लगा। पहाड़ी से तेजी से पत्थर बरसने लगे, जिस कारण चमेरा-3 पावर स्टेशन की डैम साइट के पास काम कर रहे 25 लोग बाल-बाल बच गए। इन लोगों ने भागकर जान बचाई।

3 कर्मचारियों को आई चोटें

अचानक पहाड़ी से पत्थरों की गड़गड़ाहट के साथ भारी मलबा गिरते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हालांकि, पत्थरों की चपेट में आने से तीन कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर है।

बड़ा हादसा टल गया : एनएचपीसी

एनएचपीसी के महाप्रबंधक टिकेश्वर प्रसाद ने बताया कि भूस्खलन में तीन कर्मियों को हल्की चोटें आई हैं और सभी की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की त्वरित सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। 

बरसात में रहता है रिस्क

मानसून के दौरान इस पूरे क्षेत्र में चट्टानें खिसकने का खतरा काफी बढ़ जाता है। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और पहाड़ी से गिरते मलबे पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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