Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'भाजपा विधायक 50 से 100 करोड़ तक की संपत्ति के मालिक', CM सुक्खू बोले- अकूत संपत्ति की निष्पक्ष जांच जरूरी

    By Mithun Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 06:12 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंबा में कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित अकूत संपत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, भाजपा विधायकों पर 50-100 करोड़ की ...और पढ़ें

    चंबा पहुंचे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण

    चंबा पहुंचे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण

    HighLights

    1. भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति की निष्पक्ष जांच जरूरी।

    2. भाजपा विधायकों पर 50-100 करोड़ की संपत्ति का आरोप।

    3. मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल अंतिम चरण में।

    जागरण संवाददाता, चंबा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंबा में कहा कि यदि किसी ने भ्रष्टाचार के माध्यम से अकूत संपत्ति अर्जित की है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई विधायक 50 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं। ऐसी संपत्तियों का स्रोत सार्वजनिक होना चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि इतनी बड़ी संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई। उन्होंने कहा कि जांच होने पर सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी कि धन कहां से आया और किस प्रकार संपत्ति खड़ी की गई। 

    जवाबदेही का विषय

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी प्रकार का राजनीतिक द्वेष नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय है। यदि किसी ने ईमानदारी से संपत्ति अर्जित की है तो उसे उसका पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।

    सरकार नहीं बख्शेगी

    उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति बनाने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शेगी। जनता के धन का उपयोग गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद और विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार कुछ लोगों के लिए धंधा बन चुका है।

    मंत्रिमंडल विस्तार अंतिम चरण में

    हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर पार्टी हाईकमान के साथ लगातार चर्चा चल रही है। प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अंतिम बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। विस्तार के साथ कुछ विभागों में फेरबदल भी संभव है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की सहमति से प्रदेश और संगठन के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। 

    खबरें और भी

    इसलिए हो रहा फेरबदल

    उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल मंत्रिमंडल का विस्तार करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा जनहितैषी बनाना है। प्रदेश के विकास को गति देने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए सरकार लगातार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी सोच के अनुरूप सभी निर्णय लिए जाएंगे।

    हाईकमान को कार्यशैली पर पूरा भरोसा

    कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी हाईकमान को उनकी कार्यशैली पर पूरा भरोसा है। राहुल गांधी, रजनी पाटिल सहित शीर्ष नेतृत्व सरकार के कामकाज की लगातार समीक्षा कर रहा है और प्रदेश सरकार की जनहितकारी नीतियों तथा विकास कार्यों की सराहना कर रहा है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। 

    यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का शेड्यूल तय, कौन से मुद्दे छाएंगे सदन में; क्या होगा बदलाव?