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    डलहौजी शहर के पास पहुंच गया 8 भालुओं का झुंड, दहशत में लोग और पर्यटक; वीडियो आया सामने

    By Visahl Shekri Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 15 Mar 2026 03:45 PM (IST)

    डलहौजी में कथलग मार्ग स्थित डंपिंग साइट के पास भालुओं का झुंड देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। करीब सात-आठ वयस्क भालू और उनके शावक कच ...और पढ़ें

    HighLights

    1. डलहौजी में डंपिंग साइट के पास दिखा भालुओं का झुंड।

    2. खुले में फेंके भोजन से आकर्षित होकर आते हैं भालू।

    3. वन विभाग से सुरक्षा और भालुओं को हटाने की मांग।

    संवाद सहयोगी, डलहौजी। हिमाचल प्रदेश में जिला चंबा के पर्यटन नगरी डलहौजी में रिहायशी क्षेत्रों के समीप भालुओं का झुंड पहुंच गया। यहां पहली बार ऐसा नहीं हुआ है, आए दिन शहर के विभिन्न इलाकों में भालुओं के देखे जाने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ताजा मामले में नगर परिषद डलहौजी की कथलग मार्ग स्थित डंपिंग साइट के समीप भालुओं का एक बड़ा झुंड देखा गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोग सहम गए।

    जानकारी के अनुसार, इस झुंड में करीब सात से आठ वयस्क भालू और उनके शावक शामिल थे। भालुओं को डंपिंग साइट पर पड़े कचरे में खाने तलाशते हुए देखा गया। इस दौरान कुछ दूरी पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। 

    यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में भालुओं का पूरा झुंड कचरे के ढेर में खाने की तलाश करता दिख रहा है। 

    खुले में फेंके खाद्य पदार्थों की गंध के कारण पहुंच रहे भालू

    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कचरे के ढेर और खुले में फेंके गए खाद्य पदार्थों की गंध के कारण भालू अक्सर वन क्षेत्रों से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं। इससे न केवल लोगों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी यह स्थिति जोखिमपूर्ण साबित हो रही है।

    ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया था भालू

    इसी डंपिंग साइट के समीप करीब एक वर्ष पूर्व एक दर्दनाक घटना भी सामने आई थी। उस समय एक भालू बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया था और करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। अब एक बार फिर इसी स्थान के आसपास भालुओं की मौजूदगी देखे जाने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

    लोग अकेले निकलने से डर रहे

    लोगों का कहना है कि कथलग मार्ग से अकेले गुजरना अब खतरे से खाली नहीं है। खासकर सुबह और शाम के समय लोगों में भालुओं के हमले का डर बना रहता है। वहीं, रिहायशी क्षेत्रों के पास लगे बिजली के ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरण भी वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए हैं। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि भालुओं को सुरक्षित तरीके से वापस वन क्षेत्रों की ओर खदेड़ा जाए और डंपिंग साइट के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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    क्या कहते हैं वन अधिकारी

    इस संबंध में वन मंडल अधिकारी डलहौजी रजनीश महाजन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग वन क्षेत्रों के समीप अकेले जाने से बचें और विशेष सावधानी रखें। उन्होंने बताया कि जंगली जानवर भोजन की तलाश में ही रिहायशी क्षेत्रों की ओर आते हैं। 

    आसपास न फेंकें खाद्य पदार्थ

    वन मंडल अधिकारी ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से बचा हुआ भोजन या अन्य खाद्य सामग्री खुले में या वन क्षेत्रों के आसपास न फेंकी जाए। ऐसा करने से जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे मानव और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

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