हिमाचल: भाजपा विधायक हंसराज के विरुद्ध कोर्ट में चालान पेश, पॉक्सो मामले में बढ़ी मुश्किल; चंबा न्यायालय में चलेगा ट्रायल
हिमाचल प्रदेश के चुराह विधायक डॉ. हंसराज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट मामले में पुलिस ने चंबा कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। 27 नवंबर 2025 को नियमित जमानत मि ...और पढ़ें

चंबा न्यायालय में पहुंचे चुराह से भाजपा विधायक हंसराज। जागरण
HighLights
विधायक हंसराज के खिलाफ पॉक्सो मामले में चालान पेश।
नियमित जमानत के बाद 5 मार्च को पहली सुनवाई।
चुराह की युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, चंबा। हिमाचल प्रदेश में जिला चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. हंसराज के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट मामले में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। 27 नवंबर 2025 को चंबा न्यायालय से नियमित जमानत मिलने के बाद पुलिस ने दो माह के भीतर ही अदालत में चालान पेश कर दिया है।
विधायक हंस राज ने बुधवार को न्यायालय में उपस्थित होकर मुचलका (बांड) भरा जिसमें लिखा है कि न्यायालय द्वारा जब-जब बुलाया जाएगा, वह प्रत्येक पेशी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
पहली पेशी की तय
चालान दाखिल होने के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है। अदालत ने मामले की पहली पेशी 5 मार्च को तय की है, जिसके बाद ट्रायल की कार्रवाई औपचारिक रूप से शुरू होगी।
चुराह की युवती ने लगाया है शोषण का आरोप
यह मामला चुराह की एक युवती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद सामने आया था। युवती ने आरोप लगाया कि नाबालिग अवस्था में बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण किया गया।
मामले में कब क्या हुआ
शिकायत के आधार पर 7 नवंबर को महिला थाना चंबा में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी की आशंका के चलते विधायक हंस राज ने 10 नवंबर को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने 11 नवंबर को उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, जो 22 नवंबर तक प्रभावी रही। इस अवधि में पुलिस जांच लगातार जारी रही। अदालत के निर्देशों के अनुसार विधायक ने पूछताछ में सहयोग किया।
पुलिस ने विधायक से चार बार पूछताछ की, जबकि उनकी पत्नी से भी एक बार बयान दर्ज किए गए।
नाचन के विधायक से भी हुई पूछताछ
जांच के दौरान अन्य संबंधित बिंदुओं को जोड़ने के लिए मंडी जिले के नाचन से विधायक विनोद कुमार से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने बयान, दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया।
22 नवंबर को अग्रिम जमानत अवधि समाप्त होने से पहले अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और फैसला सुरक्षित रखा गया। इसके बाद 27 नवंबर को विधायक की उपस्थिति में न्यायालय ने अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में परिवर्तित कर दिया।
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अब मामले में ट्रायल चलेगा
जमानत मिलने के बाद भी पुलिस ने जांच को गति दी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अदालत में चालान पेश कर दिया। अब चालान दाखिल होने के बाद चंबा न्यायालय में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में ट्रायल चलेगा। मार्च में प्रस्तावित पहली पेशी के दौरान आरोपों, साक्ष्यों और गवाहों की सूची पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत की निगरानी में होने वाले इस ट्रायल पर जिले सहित पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
क्या कहते हैं एसपी चंबा
विधायक से जुड़े मामले में पुलिस ने निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की है। मामले में उपलब्ध साक्ष्य, बयानों और दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान कानून के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया गया। दो माह के भीतर जांच पूरी कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई अब न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
-विजय कुमार सकलानी, पुलिस अधीक्षक, चंबा।
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