Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल के बर्फीले तूफान में एक नहीं दो पालतू डॉग कर रहे थे मालिक की रखवाली, एक अभी भी लापता; कैसे हुई थी मौत?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 27 Jan 2026 02:48 PM (IST)

    Himachal Pradesh Snowstorm, हिमाचल के भरमौर में दो युवा, विकसित (19) और पीयूष (13), वीडियो बनाते समय बर्फीले तूफान में फंस गए। विकसित ने पीयूष को पिटब ...और पढ़ें

    HighLights

    1. भरमौर में वीडियो बनाते दो युवक बर्फीले तूफान में फंसे।

    2. पिटबुल ने मृत पीयूष के शव की रखवाली की।

    3. विकसित मदद मांगते हुए खाई में गिरकर मरा।

    जागरण टीम, चंबा। हिमाचल प्रदेश में भरमौर के युवा ब्लागर को वीडियो बनाने का शौक मौत के गरत में ले गया। बर्फीले तूफान का शिकार हुए युवकों की रखवाली एक नहीं बल्कि दो पालतू कुत्ते कर रहे थे। 19 वर्षीय विकसित और 13 वर्षीय पीयूष वीडियो बनाने के लिए पहाड़ी की तरफ गए थे। इस दौरान अचानक बर्फीला तूफान चलने से वे बर्फ की चपेट में आ गए। 

    13 साल का पीयूष ठंड से बेहाल हो गया व वह चलने फिरने में असमर्थ हो चुका था। इस पर विकसित ने पिटबुल को उसके पास छोड़कर दूसरे कुत्ते के साथ मदद मांगने के लिए नीचे गांव की ओर गया। लेकिन जल्दबाजी में वह खाई में गिर गया और उसकी टांग फ्रेक्चर हो गई, जिसके बाद वहीं बर्फ में दब गया। उसके साथ गए गद्दी नस्ल के कुत्ते का कोई पता नहीं चल पाया है।

    बुआ के घर आया था पीयूष

    13 साल का पीयूष अपनी बुआ अनीता देवी के घर आया हुआ था। वह आठवीं कक्षा का छात्र था। विकसित और उसने घूमने जाने और वीडियो बनाने का प्लान बनाया था। वहीं, विकसित बारहवीं तक की पढ़ाई करने के बाद घर पर ही था और वीडियो बनाने का शौक रखता था। 22 जनवरी को दोनों बर्फ में लापता हो गए थे और 26 जनवरी को ये मृत मिले।

    विकसित के अंतिम शब्द

    विकसित ने गांव में पड़ोसी युवक को फोन कॉल की थी। विकसित ने बताया था कि पीयूष की हालत बेहद खराब है व वह उसे स्लीपिंग बैग में पीठ पर उठाकर ला रहा है। मुझे मदद की जरूरत है मोबाइल की बैटरी एक परसेंट बची है। इन्हीं शब्दों के साथ फोन कट गया था। 

    दो दिन पहले ही लाया था कुत्तों को

    इन कुत्तों का मालिक पीयूष नहीं बल्कि विकसित था। विकसित के पिता ने दो कुत्ते पाल रखे थे। उन्हें कुत्तों से बहुत ज्यादा लगाव था। लेकिन एक साल पहले उनकी मृत्यु होने पर विकसित की मां ने इन्हें किसी को दे दिया था। दो दिन पहले ही विकसित दोनों को अपने घर ले आया था। 

    खबरें और भी

    बेहद घातक थे दोनों कुत्ते 

    दोनों कुत्ते बेहद खतरनाक थे व एक बार इन्होंने स्नो लेपर्ड (बर्फीले तेंदुए) का भी शिकार कर दिया था। इसके बाद ये और घातक हो गए व गांव में पशुओं पर भी हमला करने लगे थे। इसी कारण विकसित की मां ने उन्हें लोगों को दे दिया था। 

    यह भी पढ़ें: बर्फ में खो गई बचा लो की पुकार, ...बर्फीले तूफान में विकसित की आखिरी कॉल; ठंड में सुन्न उंगलियां नहीं भेज पाई लोकेशन 

    बेहद वफादार होता है गद्दी नस्ल का कुत्ता

    गद्दी नस्ल का कुत्ता पहाड़ी क्षेत्र में पाया जाता है व यह बेहद वफादार होता है। अधिकतर चंबा व कांगड़ा जिले के भेड़पालक इसे पालते हैं। यह कुत्ता अपने मालिक के प्रति इतना वफादार होता है कि यदि जंगल में कभी भालू या तेंदुआ हमला कर दे तो यह उनसे भी उलझ जाता है। 

    यह भी पढ़ें: हिमाचल में रील बनाने गए युवकों का मिला शव, बर्फ में दबे मालिक के शव की रखवाली करता रहा डॉगी; टीम ने किया रेस्क्यू