मणिमहेश यात्रा में अब नहीं बिछड़ेंगे श्रद्धालु, अपनों से भी होगी बात; पहली बार मोबाइल नेटवर्क मिलेगा
इस वर्ष मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को शिव कुंड के पास पहली बार मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। इससे वे अपने परिजनों से संपर्क कर सकेंगे। ...और पढ़ें

मणिमहेश शिव कुंड में पूजा करते उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल।
HighLights
पहली बार मणिमहेश शिव कुंड के पास मोबाइल नेटवर्क।
श्रद्धालु अब अपनों से सीधे मोबाइल पर बात कर सकेंगे।
आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य होंगे प्रभावी।
जागरण संवाददाता, चंबा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध एवं पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए एक नई और बड़ी सौगात लेकर आ रही है। पहली बार श्रद्धालु मणिमहेश शिव कुंड के समीप पहुंचकर भी अपनों से सीधे मोबाइल पर संपर्क कर सकेंगे। वर्षों से चली आ रही संचार सुविधा की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने धन्छो से ऊपर बीएसएनएल का मोबाइल टावर स्थापित कर दिया है। उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने संबंधित विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर इसे पूरी तरह चालू करने के निर्देश दिए हैं।
अब नहीं बिछड़ेंगे श्रद्धालु
अब तक यात्रा मार्ग पर हड़सर से लगभग पांच किलोमीटर ऊपर स्थित धणछो तक ही मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध रहता था। इसके बाद मणिमहेश क्षेत्र तक किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता था। ऐसे में लाखों श्रद्धालु अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पाते थे। यदि यात्रा के दौरान कोई श्रद्धालु अपने समूह से बिछड़ जाता था तो उसे खोजने में भी काफी परेशानी होती थी।
आपदा में और महसूस हुई आवश्यकता
पिछले वर्ष आई प्राकृतिक आपदा ने संचार व्यवस्था की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट कर दिया था। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गौरीकुंड और डल झील क्षेत्र में सैकड़ों श्रद्धालु कई दिनों तक फंसे रहे, लेकिन मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से वे अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर सके।
सैटेलाइट फोन से ही हो पा रहा था संपर्क
उस दौरान प्रशासन और पुलिस को केवल सैटेलाइट फोन के माध्यम से ही सीमित संपर्क बनाए रखना पड़ा था, जिससे वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने में भी कठिनाई हुई। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार यात्रा शुरू होने से पहले संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने का निर्णय लिया।
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तुरंत मिलेगी सूचना
बीएसएनएल का टावर स्थापित होने के बाद श्रद्धालुओं को न केवल अपने परिजनों से संपर्क बनाए रखने में सुविधा मिलेगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना प्रशासन तक पहुंचाई जा सकेगी। इससे राहत एवं बचाव कार्यों को भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
प्रशासन का मानना है कि यह पहल केवल मोबाइल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विश्वास और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक संचार सुविधा के साथ इस बार की मणिमहेश यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। डल झील क्षेत्र तक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। निर्धारित समय के भीतर सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को संचार सुविधा मिलेगी और आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी अधिक प्रभावी होंगे।
-मुकेश रेप्सवाल,उपायुक्त, चंबा
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