Manimahesh Yatra: सुंदरासी में भूस्खलन से 15 घंटे बंद रही मणिमहेश यात्रा, भारी बारिश से रास्ते मुश्किल, हेली टैक्सी पर ब्रेक
Manimahesh Yatra 2025 हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है। इस कारण पवित्र मणिमहेश यात्रा पर भी असर पड़ा है। सुंदरासी में भूस्खलन के कार ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, चंबा। Manimahesh Yatra 2025, उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान शनिवार को भारी वर्षा के बीच सुंदरासी के समीप भारी भूस्खलन हो गया, जिस कारण मणिमहेश डल झील की ओर जाने वाले पैदल रास्ते को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार दोपहर बाद से रातभर मणिमहेश यात्रा को रोक दिया गया।
भूस्खलन के बाद लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पैदल मार्ग को बहाल करने का कार्य किया। रविवार सुबह से मार्ग आवाजाही के लिए बहाल हो गया है।
शनिवार शाम पांच बजे के आसपास उपमंडलीय प्रशासन को सूचना मिली कि सुंदरासी के पास भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे डल झील की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर मजदूरों को भेज दिया और मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया।
सूचना है कि मार्ग के बंद होने के चलते कुछ यात्री भी वहां पर फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने हड़सर से डल झील की तरफ यात्रियों की आवाजाही को रात के लिए रोक दिया था। साथ ही घोडा-खच्चरों की आवाजाही भी बंद कर दी थी, जिसे अब बहाल कर दिया गया है। एडीएम भरमौर कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि अब यात्रा बहाल कर दी गई है।
शुक्रवार को 4820 ने करवाया पंजीकरण
मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक करीब 32089 श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं। जबकि शनिवार को एक दिन के भीतर ही 4269 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है। इससे पूर्व शुक्रवार को 4820 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया था। हालांकि, पंजीकरण करवाने से कहीं अधिक श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर जा रहे हैं।
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मौसम प्रतिकूल होने पर नहीं हुईं उड़ानें
मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को चंद मिनटों में ही भरमौर मुख्यालय से गौरीकुंड व गौरीकुंड से भरमौर मुख्यालय पहुंचाने के लिए मिलने वाली हेली टैक्सी सेवा शनिवार को मौसम प्रतिकूल होने के कारण बाधित रही। हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सके। यदि रविवार को भी मौसम के तेवर कड़े रहते हैं तो हेली टैक्सी का उड़ान भरना मुश्किल हो जाएगा।